पटना, बिहार सरकार ने शहरी प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि राज्य के सभी नगर निकायों की अब महालेखाकार (CAG) से ऑडिट कराई जाएगी। इस कदम को भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अहम माना जा रहा है।
पहली बार सीएजी करेगा नगर निकायों की ऑडिट
प्रेस वार्ता में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक नगर निकायों की ऑडिट चार्टर्ड अकाउंटेंट के जरिए कराई जाती थी, लेकिन अब इसे सीएजी के माध्यम से कराया जाएगा। इससे वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों का अधिक पारदर्शी तरीके से खुलासा हो सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, वहां संबंधित कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) और अभियंताओं पर त्वरित और सख्त कार्रवाई होगी।
इस मौके पर विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी उपस्थित रहे।
शहरी विकास को नई दिशा देने की तैयारी
विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है, लेकिन अभी राज्य की केवल 15.6% आबादी ही शहरी क्षेत्रों में रहती है, जो राष्ट्रीय औसत 36% से काफी कम है। इस अंतर को कम करने के लिए राज्य सरकार ने 11 नए टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इनमें नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों के साथ सीतामढ़ी और सोनपुर को शामिल किया गया है।
30 दिनों में सुधार का अल्टीमेटम
सरकार ने सभी नगर निकायों को स्वच्छता और कर व्यवस्था में सुधार के लिए 30 दिनों की समयसीमा दी है। इसके तहत शहरों में नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और टैक्स कलेक्शन सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी’ अभियान के तहत डोर-टू-डोर कचरा उठाव को अनिवार्य किया गया है और कई शहरों में इसकी निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
मानसून से पहले नालों की सफाई
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून से पहले पटना समेत सभी बड़े शहरों में बड़े नालों की मशीनीकृत सफाई कराई जा रही है, ताकि जलजमाव की समस्या से निपटा जा सके।
अब ऑनलाइन पास होंगे मकान के नक्शे
सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी नगर निकायों में भवन निर्माण के नक्शों को ऑनलाइन पास करने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अभी यह सुविधा केवल पटना नगर निगम में उपलब्ध है। इस नई व्यवस्था से लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी।
अवैध होर्डिंग और पार्किंग पर कार्रवाई
राज्य के 19 नगर निगमों में अवैध पार्किंग और अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पटना में ऐसे सभी अवैध होर्डिंग्स को हटाने का निर्देश जारी कर दिया गया है। हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर अन्य सभी अवैध ढांचों को 24 घंटे के भीतर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके साथ ही अवैध कमाई में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शव वाहनों से किसी भी पार्किंग में शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पेयजल और पाइपलाइन सुधार पर फोकस
शहरी क्षेत्रों में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइनों की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को साफ और नियमित जल आपूर्ति मिल सके।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को मिलेगा गति
पटना, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और भागलपुर में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स—जैसे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट रोड और वेंडिंग जोन—को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने इन परियोजनाओं को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
पटना मेट्रो को लेकर बड़ा अपडेट
एक सवाल के जवाब में विजय सिन्हा ने बताया कि पटना मेट्रो के प्राथमिकता वाले भूतनाथ रोड से खेमनीचक होते हुए मलाही पकड़ी खंड पर मेट्रो का परिचालन अगले एक महीने के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, भूमिगत स्टेशनों के साथ पूर्ण संचालन वर्ष 2030 तक शुरू होने की संभावना है।
निष्कर्ष:
बिहार सरकार का यह कदम शहरी प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सीएजी ऑडिट, ऑनलाइन सेवाएं और सख्त निगरानी जैसे फैसलों से न सिर्फ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि शहरी विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


