HIGHLIGHTS:
- बड़ा एक्शन: पटना DM त्यागराजन एसएम के निर्देश पर LPG ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ महा-अभियान।
- FIR की झड़ी: अब तक 4 केस दर्ज; बाढ़ में 3 और दानापुर में 1 व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा।
- कड़ी चेतावनी: “सिर्फ केस नहीं, अब सीधे गिरफ्तारी होगी”; दोषियों पर लगेगा एस्मा (ESMA) एक्ट।
- स्पेशल टीम: ब्लॉक स्तर पर 28 ‘धावा दल’ तैनात; डोमेस्टिक सिलेंडर का कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों की खैर नहीं।
पटना में ‘गैस माफिया’ पर सर्जिकल स्ट्राइक: डीएम का अल्टीमेटम— “सुधर जाओ या जेल जाओ”
पटना: राजधानी में रसोई गैस की किल्लत की अफवाहों के बीच कालाबाजारी करने वालों की अब शामत आ गई है। पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं के हक पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने न केवल निगरानी बढ़ाई है, बल्कि छापेमारी कर एफआईआर दर्ज करने का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। डीएम ने सख्त लहजे में कहा है कि अब प्राथमिकी के तुरंत बाद गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
[एक्शन रिपोर्ट: कहाँ और क्यों हुई कार्रवाई?]
प्रशासनिक जांच में पाया गया कि कुछ लोग घरेलू सिलेंडर को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं या उनका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
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अनुमंडल (Sub-division) |
केस की संख्या |
मुख्य कारण |
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बाढ़ (Barh) |
03 |
रेस्टोरेंट और फूड कैफे में घरेलू सिलेंडर का अवैध उपयोग। |
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दानापुर (Danapur) |
01 |
गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी। |
28 ‘धावा दल’ और एस्मा (ESMA) की तलवार
कालाबाजारी रोकने के लिए पटना जिला प्रशासन ने ‘वार रूम’ तैयार किया है:
- धावा दल: ब्लॉक स्तर पर 28 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जिसमें आपूर्ति अधिकारी और इंस्पेक्टर शामिल हैं। ये टीमें बिना बताए डीलरों और होटलों पर रेड मार रही हैं।
- एस्मा एक्ट: डीएम ने चेतावनी दी है कि आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जमानत मिलना भी मुश्किल होगा।
- फीडबैक: प्रशासन सीधे जनता से बात कर रहा है ताकि पता चल सके कि कौन सा डीलर ज्यादा पैसे मांग रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए ‘सुरक्षा कवच’: नोट करें हेल्प लाइन
अगर आपसे कोई गैस के लिए ज्यादा पैसे मांगे या सिलेंडर देने में आनाकानी करे, तो आप तुरंत यहाँ शिकायत कर सकते हैं:
जिला नियंत्रण कक्ष (Patna LPG Helpline):
📞 0612-2219810
⏰ समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी”— डीएम त्यागराजन
जिलाधिकारी ने सभी एसडीओ (SDO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वितरकों के स्टॉक की नियमित जांच करें। उन्होंने साफ किया कि उपभोक्ताओं के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रखंड स्तर के अधिकारियों को ‘नोडल ऑफिसर’ बनाकर जवाबदेही तय कर दी गई है।
VOB का नजरिया: अफवाहों पर लगाम और एक्शन का ‘डबल डोज’!
पटना डीएम का यह एक्शन उन लोगों के लिए कड़ा सबक है जो आपदा में अवसर तलाशते हैं। गैस सिलेंडर की जमाखोरी न केवल अपराध है, बल्कि यह आम आदमी की रसोई पर हमला है। 28 धावा दलों का गठन और एस्मा की चेतावनी बताती है कि प्रशासन इस बार ‘फुल मोड’ में है। हालांकि, केवल छापेमारी काफी नहीं होगी, हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर कितनी ‘त्वरित’ कार्रवाई होती है, असली परीक्षा वही होगी।


