भागलपुर/सुल्तानगंज: गंगा किनारे चल रहे मेरीन ड्राइव प्रोजेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम पहल की गई। जीवन जागृति सोसाइटी की ओर से अडानी कंपनी के सुल्तानगंज स्थित ऑफिस में फर्स्ट एड और सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें करीब 25 कर्मचारियों को आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक सिखाई गई।
विशेषज्ञों ने सिखाए जीवन बचाने के तरीके
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने किया। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और सही समय पर दी गई मदद किसी की जान बचा सकती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रेससिटेशन) एक ऐसी तकनीक है, जिससे हृदय गति रुकने की स्थिति में व्यक्ति की सांस और धड़कन को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
क्या है सीपीआर और कैसे करें इस्तेमाल
प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को सीपीआर की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई:
- दोनों हथेलियों को एक-दूसरे के ऊपर इंटरलॉक करें
- छाती के निचले हिस्से से थोड़ा ऊपर हाथ रखें
- प्रति मिनट करीब 100 की गति से 30 बार दबाव दें
- इसके बाद दो बार मुंह से सांस दें
- यह प्रक्रिया तब तक जारी रखें जब तक व्यक्ति की सांस वापस न आ जाए या एंबुलेंस न पहुंच जाए
डॉ. सिंह ने बताया कि समय पर सीपीआर मिलने से करीब 50% मामलों में व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है।
प्रोजेक्ट साइट के लिए क्यों जरूरी है ट्रेनिंग
अडानी प्रोजेक्ट के मैनेजर के.के. शर्मा ने बताया कि यह प्रोजेक्ट गंगा किनारे चल रहा है, जहां कई बार वाहनों की पहुंच मुश्किल होती है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता मिलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से कर्मचारी खुद ही शुरुआती राहत दे सकते हैं और गंभीर स्थिति में किसी की जान बचा सकते हैं।
फर्स्ट एड और अन्य जरूरी तकनीकों की जानकारी
कार्यक्रम में सिर्फ सीपीआर ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपाय भी सिखाए गए:
- रक्तस्राव (ब्लीडिंग) रोकने के तरीके
- गर्दन को सुरक्षित तरीके से सपोर्ट करना, ताकि पैरालिसिस का खतरा न हो
- स्थानीय संसाधनों जैसे बांस और चादर से अस्थायी स्ट्रेचर बनाना
- घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीक
कर्मचारियों ने किया प्रैक्टिकल अभ्यास
प्रशिक्षण के अंत में सभी कर्मचारियों से सीपीआर और फर्स्ट एड की विधियों का प्रैक्टिकल अभ्यास कराया गया, ताकि वे आपात स्थिति में बिना घबराए सही तरीके से इन तकनीकों का उपयोग कर सकें।
आयोजन में ये लोग रहे मौजूद
इस कार्यक्रम का संचालन सचिव सोमेश यादव ने किया, जबकि दिलीप बिल्डिकॉन लिमिटेड की ओर से अनुज राय ने समन्वय की भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में जीवन जागृति सोसाइटी के कार्यकारी अध्यक्ष संबित कुमार, मृत्यंजय और अखिलेश भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों के लिए उपयोगी साबित हुआ, बल्कि यह भी दिखाता है कि बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए अब जागरूकता और तैयारी दोनों बढ़ रही हैं।
ऐसी पहलें भविष्य में आपात स्थितियों में कई जिंदगियां बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।


