अटल पांडेय हत्याकांड में माले नेता को उम्रकैद; पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र पासवान दोषी करार, 50 हजार का जुर्माना भी लगा

  • भोरे के पूर्व माले प्रत्याशी को जेल: अटल पांडेय की हत्या में जितेंद्र पासवान को आजीवन कारावास; नहीं दिया जुर्माना तो एक साल और काटनी होगी सजा
  • दिसंबर 2021 का है मामला: भूमि विवाद में चाकू मारकर की गई थी हत्या; अभियोजन पक्ष ने मजबूती से रखा पक्ष
  • न्यायालय की सख्त टिप्पणी: भूमि विवाद में जान लेना समाज में अस्थिरता लाता है; रसूखदार होने के बावजूद कानून ने किया अपना काम

द वॉयस ऑफ बिहार (गोपालगंज)

​गोपालगंज जिले के बहुचर्चित अटल पांडेय हत्याकांड में आखिरकार पीड़ित परिवार का न्याय का इंतजार खत्म हुआ है। जिला अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषियों को कड़ा सबक सिखाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भोरे विधानसभा क्षेत्र से सीपीआई (माले) के पूर्व प्रत्याशी रह चुके जितेंद्र पासवान को मुख्य रूप से दोषी पाते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।

50 हजार का जुर्माना, नहीं देने पर बढ़ेगी सजा

​न्यायालय ने इस ऐतिहासिक फैसले में दोषी जितेंद्र पासवान पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी यह जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

क्या था पूरा मामला?

​यह घटना दिसंबर 2021 की है, जब गोपालगंज के कोरेयां गांव में एक भूमि विवाद ने खूनी रूप ले लिया था।

  • चाकू से हमला: विवाद के दौरान आरोपियों ने अटल पांडेय पर धारदार चाकू से हमला कर दिया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
  • पुलिस कार्रवाई: घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था, जिसे देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर मुख्य आरोपियों को जेल भेजा था।

अभियोजन की दलील और कोर्ट की टिप्पणी

​अदालत में ए.पी.पी. परवेज आलम ने अभियोजन पक्ष की ओर से जोरदार बहस की। उन्होंने कई अहम साक्ष्य और चश्मदीद गवाह पेश किए, जिससे यह साबित हुआ कि हत्या पूर्व नियोजित थी।

  • नजीर: सजा सुनाते समय अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराधों में कठोर दंड समाज के अन्य अपराधियों के लिए एक नजीर पेश करता है। अदालत ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।

न्याय की जीत

​फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त किया है। अधिवक्ता परवेज आलम ने इसे कानून की बड़ी जीत बताया है और कहा है कि रसूखदार नेताओं के शामिल होने के बावजूद कानून ने अपना काम निष्पक्षता से किया, जिससे न्याय प्रणाली पर जनता का विश्वास बढ़ा है।

  • Related Posts

    समस्तीपुर में ‘लूट का तांडव’: प्रियंका ज्वेलर्स से 1 करोड़ के जेवरात साफ; फायरिंग कर भागे अपराधी, 2 साल पहले भाई का हुआ था मर्डर

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    T20 वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर: जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 24 रनों से रौंदा; मुजारबानी और इवांस की आंधी में उड़े कंगारू

    Share Add as a preferred…

    Continue reading