Election 2025: फ्लाइंग स्क्वॉड ने सूचना के आधार पर की कार्रवाई, राशि जब्त; माले ने कहा— वैध चुनावी खर्च के लिए रखी गई थी रकम
गोपालगंज | बिहार
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच गोपालगंज जिले के भोरे क्षेत्र में भाकपा-माले (CPI-ML) के स्थानीय कार्यालय पर निर्वाचन विभाग की फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कार्यालय से ₹1,87,000 नकद जब्त किए गए। टीम का कहना है कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
चुनावी माहौल के बीच इस छापेमारी से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाकपा-माले ने इसे सत्ताधारी दल के दबाव में की गई कार्रवाई बताया है।
सूचना मिलने पर कार्रवाई, अलमारी से राशि बरामद
फ्लाइंग स्क्वॉड टीम की अगुवाई सीओ अनुभव कुमार राय ने की। उन्होंने कहा—
“आचार संहिता लागू है, ऐसे समय इतनी नकद राशि रखना संदिग्ध है।
अलमारी से ₹1,87,000 मिले हैं, राशि जब्त कर ली गई है।
स्रोत और उपयोग को लेकर नोटिस जारी किया गया है।”
माले का विरोध — “पार्टी अकाउंट से निकाला था पैसा”
भाकपा-माले ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि राशि वैध है और इसे गलत तरीके से जब्त किया गया। जिला सचिव इंद्रजीत चौरसिया ने कहा—
“यह पैसा पार्टी खाते का है, कल ही PNB से निकाला गया था।
प्रशासन हमें बेवजह परेशान कर रहा है।
यह कार्रवाई एक मंत्री के इशारे पर की गई है।”
माले ने दावा किया कि राशि पार्टी संगठन और चुनावी गतिविधियों के वैध खर्च के लिए थी।
“राजनीतिक प्रतिशोध” का आरोप
पार्टी नेताओं ने कहा—
“यह राजनीतिक प्रतिशोध है।
हमारे पास पूरी रसीदें और प्रमाण हैं।
सिर्फ माले को टारगेट किया जा रहा है, जबकि अन्य दलों के खर्च पर कोई पूछताछ नहीं।”
जांच में जुटा निर्वाचन विभाग
निर्वाचन विभाग ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राशि का उपयोग आचार संहिता उल्लंघन में तो नहीं होना था।
माले को नोटिस का जवाब देना होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
चुनाव के दौरान नकद बरामदगी— संवेदनशील कार्रवाई
चुनाव आचार संहिता के तहत बड़े पैमाने पर नकद राशि का उपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका को देखते हुए चुनावी दलों द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है। ऐसे में यह कार्रवाई चुनावी सख्ती का हिस्सा मानी जा रही है, लेकिन माले इसे सत्ता दुरुपयोग बता रही है।


