किशनगंज में सरकारी भवन की नीलामी का आदेश, कोर्ट के फैसले से मचा हड़कंप

किशनगंज। जिले में उस वक्त खलबली मच गई जब सिविल कोर्ट ने भवन निर्माण विभाग के सरकारी भवन और संपत्तियों को नीलाम करने का आदेश दे दिया। मामला आठ साल पुराने भुगतान विवाद से जुड़ा है। कोर्ट के आदेश के अनुसार विभागीय कार्यालय, जमीन सहित कई संपत्तियों की नीलामी की जाएगी, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में ठेकेदार मुकेश कुमार सिंह ने भवन निर्माण विभाग के लिए भवन निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया था। कार्य पूर्ण होने के बाद विभाग द्वारा करीब 23 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने पर ठेकेदार ने विभागीय ट्रिब्यूनल में वाद दायर किया।

ट्रिब्यूनल कोर्ट क्या है

ट्रिब्यूनल एक अर्ध-न्यायिक संस्था होती है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक और विभागीय विवादों का त्वरित निपटारा करना है, ताकि नियमित अदालतों पर बोझ कम हो। यह संस्था प्रशासनिक ट्रिब्यूनल अधिनियम, 1985 के तहत गठित की गई है।

छह साल पहले ही हो चुका था भुगतान का आदेश

ट्रिब्यूनल कोर्ट ने करीब छह साल पहले ही भवन निर्माण विभाग को ठेकेदार के बकाया भुगतान का आदेश दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद विभाग ने भुगतान नहीं किया। बार-बार आदेश का हवाला देने के बावजूद विभाग टालमटोल करता रहा। इसके बाद ठेकेदार ने किशनगंज सिविल कोर्ट में याचिका दायर की।

सिविल कोर्ट के आदेश की भी हुई अवहेलना

ठेकेदार के अधिवक्ता अजय कुमार मंडल के अनुसार, सब जज प्रथम की अदालत ने विभाग को बकाया राशि का भुगतान करने का स्पष्ट आदेश दिया था, लेकिन विभाग ने इस आदेश का भी पालन नहीं किया।

संपत्तियों की नीलामी का निर्देश

लगातार आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने 29 दिसंबर को भवन निर्माण विभाग की संपत्तियों को नीलाम करने का आदेश जारी किया। नीलामी में शामिल संपत्तियों में विभागीय कार्यालय भवन, जमीन और कार्यालय में रखे सामान शामिल हैं।

नीलामी के लिए चिन्हित संपत्तियां

  • टेबल – 4
  • कुर्सी – 20
  • आलमीरा – 5
  • सीलिंग फैन – 6
  • एयर कंडीशनर – 1
  • जमीन – 10 कट्ठा
  • दो मंजिला भवन

इन सभी संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

28 जनवरी 2026 को होगी नीलामी

ठेकेदार के वकील अजय कुमार मंडल ने बताया कि मामला पिछले आठ वर्षों से लंबित था और अब कोर्ट से न्याय मिला है। कोर्ट ने 28 जनवरी 2026 को नीलामी की तारीख निर्धारित की है।

प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस संबंध में भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। वहीं, किशनगंज के जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि मामला अभी आधिकारिक रूप से उनके संज्ञान में नहीं आया है।

विशाल राज, डीएम, किशनगंज:
“मामला अभी आधिकारिक रूप से जानकारी में नहीं है। यह जरूर पता है कि एक ठेकेदार का भुगतान लंबित है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।”


 

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