कोरोना वायरस के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच आगामी 25 मई से पहले चरण की हवाई सेवा शुरू

नई दिल्ली:- कोरोना वायरस के चलते लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच आगामी 25 मई से पहले चरण की हवाई सेवा शुरू हो रही है। हवाई यात्रा से पहले अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फाइनल एसओपी के तहत गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। यात्रियों और एयर लाइन्स कंपनियों को इन नियमों का पालन करना जरूरी होगा। घरेलू उड़ान सेवा के लिए कई एयर इंडिया, एयर एशिया, एलायंस एयर, गो एयर, इंडिगो, स्पाइस जेट, ट्रू जेट, विस्तारा एयरलाइन्स ने टिकटों की बिक्री भी शुरू कर दी है। गाइडलाइन के मुताबिक, न्यूनतम किराया 2 हजार रुपए व अधिकतम किराया 18,600 रुपए तय किया गया है। बता दें कि घरेलू उड़ान सेवा को लेकर एयरपोर्ट पर तैयारियां तेज हो गई हैं। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही ऑटो सेनेटाइजर मशीनों को भी इंस्टाल कर दिया गया है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडिया टीवी के साथ विशेष बातचीत में कहा कि ‘ओवरऑल प्रॉस्पेक्टिव को देखते हुए हम 15 मई से भी हवाई सेवा शुरू करने के लिए तैयार थे। ट्रेन सर्विस का अगर आप नंबर देखिए तो एयरलाइंस सर्विसेस 30 प्रतिशत तो बहुत छोटा नंबर है उसमें… तो हमने कुछ ये फैसला कर लिया था कि 25 और 30 के बीच में ये शुरू कर देंगे। सोमवार 25 तारीख से सिर्फ एक तिहाई या 33 प्रतिशत फ्लाइट्स खुलेंगी और अगर आपके पास एप है जैसे पासपोर्ट, आरोग्य सेतु उसमें आप ग्रीन सेफ हैं तो वो एक सेफ जोन से दूसरे सेफ जोन में जाने के लिए अच्छा रहेगा और दूसरों के लिए भी अच्छा है। और अगर आपके पास मान लीजिए नहीं है तो हम सेल्फ डिक्लेरेशन लेगें आप अपने आपको टेस्ट करवा सकते हैं… मैं समझता हूं कि अगर आप फ्लाइट्स आज नहीं एक महीने बाद भी शुरू करें…. तो जो लोगों की चिंता है वो वैसी ही रहेगी।’

एक जो चिंता का सवाल है वो ये है कि जब फ्लाइट में लोग बैठेंगे तो तीनों सीट साथ में रहेंगी… बीच की सीट खाली नहीं रखनी है वो एक बड़ी समस्या हो सकती है… क्योंकि पैसेंजर्स के मन में भय भी है इस बात को लेकर.. इस सवाल के जवाब में पुरी ने कहा कि ‘मैं समझता हूं की इसपर शायद लोगों को सही जानकारी नहीं है… आपने हवाई जाहज के अंदर पैसेंजर्स की इकोनॉमी क्लास की जो कन्फिगुरेशन देखी है… एक सीट, दूसरी सीट, तीसरी सीट…. मान लीजिए बीच वाली सीट पर पैसेंजर ना भी बैठा हो तो आपकी जो सोशल डिस्टेंसिग का जो नियम है वो सफल नहीं होती है… तो आपको प्रैक्टिकल व्यू लेना पडे़गा दूसरा ये जो हवाई जहाज बनाती है कंपनी एयरबस बोइंग इनका कहना ये है की जो वेंटिलेशन सिस्टम है जो आपके सीट के ऊपर होता है नोजल उसको आप खोलें तो हवा ऊपर से नीचे जाती है नीचे फिल्टर होते हैं वो फिर रिफ्रेश होकर वापस आती है..तो जो एयरक्राफ्ट मैनुफैक्चरर है वो तो ये कहते हैं की सबसे सुरक्षीत मोड ऑफ ट्रांसपोर्ट है वो एरोप्लेन है।’

हवाई सफर के लिए जो रूट तय किए गए हैं उनमें पहला 40 मिनट का रूट होगा, दूसरा 40 से 60 मिनट, तीसरा 60 से 90 मिनट, चौथा 90 से 120 मिनट, पांचवां 2 घंटे से 2.50 घंटे, छठा 2.50 घंटे से 3 घंटे का और सातवां 3 से 3.5 घंटे का रूट तय किया गया है।

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