बिहार में सहकारी समितियों को मिलेगी मजबूती, बैंक मित्र, एम-एटीएम और जन औषधि केंद्रों का होगा विस्तार

बिहार सरकार सहकारिता और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर कई योजनाओं पर काम कर रही है। इस दिशा में मक्का, दलहन और तिलहन फसलों को प्राथमिक कृषि साख समितियों पैक्स से जोड़ने की योजना बनाई गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही 100 नए किसान उत्पादक संगठन एफपीओ बनाए जा रहे हैं, जो किसानों को संगठित कर उनकी आय बढ़ाने में मदद करेंगे।

सहकारिता क्षेत्र में सुधार

बिहार सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं :

हर जिले में पैक्स केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण किसानों को अधिक सुविधा मिलेगी।

हर पैक्स में जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध हो सकें।

महिला दुग्ध उत्पादक समितियों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लायी गयी है। वर्तमान में राज्य में 30,519 दुग्ध उत्पादक समितियां कार्यरत हैं, जिनमें 14.39 लाख सदस्य हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इनमें 50% हिस्सेदारी महिलाओं की हो।

बैंकिंग सेवाओं का विस्तार: राज्य सरकार सहकारी समितियों को बैंक मित्र के रूप में विकसित कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं बढ़ेंगी। अगले 6 महीनों में 1500 समितियों को माइक्रो एटीएम दिए जाएंगे। साथ ही नाबार्ड द्वारा 785 एम-एटीएम के लिए अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 100 समितियों को ये मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। इस कार्यक्रम में 5350 पैक्स समितियां, मत्स्यजीवी सहयोग समितियां, बुनकर सहयोग समितियां, 1000 दुग्ध उत्पादक समितियां, 300 सब्जी उत्पादक समितियां और 300 हैंडलूम वीवर्स समितियां भाग लेंगी।

सब्जी को अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की योजना: कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि विदेशों तक बिहार की सब्ज़ियों की पहुंच बढ़ाने के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित किया जा रहा है। इससे किसानों को सीधे अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाई जाएगी।

गृह मंत्री अमित शाह करेंगे उद्घाटन: केन्द्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 29-30 मार्च को बापू सभागार में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर बैंक मित्र समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए जाएंगे। साथ ही दरभंगा में मखाना प्रोसेसिंग सेंटर का उद्घाटन होगा, जिससे मखाना उत्पादकों को बेहतर बाजार मिलेगा। यही नहीं, 11 नए गोदामों का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे कृषि उत्पादों के भंडारण की सुविधा बढ़ेगी। 500 पैक्स को ई-पैक्स घोषित कर उन्हें प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। दो पैक्सों में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत गोदाम निर्माण का शिलान्यास होगा। बिहार सरकार की इन योजनाओं से किसानों, महिलाओं और सहकारी समितियों को व्यापक लाभ मिलेगा। इन प्रयासों से बिहार का सहकारिता क्षेत्र मजबूत होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

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