भागलपुर में अब मजिस्ट्रेट की ‘कमांड’ में मिलेगा रसोई गैस! मिडिल-ईस्ट की जंग का साया; 22 दंडाधिकारी तैनात, कालाबाजारी पर लगेगा ब्रेक

HIGHLIGHTS

  • बड़ी सख्ती: भागलपुर अनुमंडल में गैस सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए 22 मजिस्ट्रेटों की प्रतिनियुक्ति।
  • युद्ध का असर: मध्य-पूर्व (Middle-East) में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई बाधित होने की आशंका।
  • सीधी निगरानी: आज से मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ही गैस गोदामों से होगा सिलेंडर का वितरण।
  • डेली रिपोर्टिंग: हर दिन शाम 5 बजे तक स्टॉक और वितरण की रिपोर्ट नोडल अफसर को देनी होगी।

भागलपुर | 15 मार्च, 2026

​मध्य-पूर्व में छिड़ी जंग की आंच अब भागलपुर की रसोई तक पहुँचती दिख रही है। वैश्विक तनाव के कारण एलपीजी गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति में संभावित कमी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर सदर एसडीओ विकास कुमार ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए 22 मजिस्ट्रेटों को मैदान में उतार दिया है। आज से जिले की प्रमुख गैस एजेंसियों पर मजिस्ट्रेट की देखरेख में ही सिलेंडर बांटे जाएंगे।

कालाबाजारी रोकने के लिए ‘किलाबंदी’, पुलिस बल भी तैनात

​सदर एसडीओ विकास कुमार ने सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी तुरंत अपनी संबंधित गैस एजेंसियों पर पहुँचकर वितरण कार्य अपनी निगरानी में शुरू कराएं। भीड़ और कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को भी साथ लगाया गया है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और संबंधित थानाध्यक्षों को पूरी प्रक्रिया का वरीय प्रभार सौंपा गया है ताकि कहीं भी अफरा-तफरी का माहौल न बने।

शाम 5 बजे तक देना होगा ‘हिसाब-किताब’

​प्रशासनिक तंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी (ADSO) को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। तैनात मजिस्ट्रेटों को हर दिन शाम 5 बजे तक गैस के स्टॉक, कितनी आपूर्ति हुई और कितने सिलेंडर बंटे, इसका अद्यतन (Updated) डेटा नोडल अधिकारी को सौंपना अनिवार्य होगा।

इन केंद्रों पर तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट (प्रमुख सूची):

  • नगर निगम, भागलपुर: मधु गैस (तिलकामांझी), केसी इण्डेन (शीतला स्थान), काम्या इण्डेन (भीखनपुर), माडेवी इण्डेन (बरारी), शंकर गैस (परबत्ती), बीपी ट्रेडिंग, मां तारा एचपी (खरमनचक), एनके कुकिंग (घंटाघर), मातुश्री (आदमपुर) और श्री साईं बाबा गैस (नाथनगर)।
  • सुल्तानगंज: अनुराधा इंडियन, नमामी गंगे, इण्डेन ग्रामीण (अकबरनगर), भारत गैस (महेशी)।
  • सबौर और अन्य: वीरेन्द्र एचपी, आयुष इण्डेन (जीरो माइल), चन्द्रप्रभा एचपी, अगरपुर इण्डेन, मौसम एचपी, अजय इण्डेन (कंझिया), अरमान इण्डेन (पुरैनी) और जनता भारत गैस (शाहकुंड)।

VOB का नजरिया: डरने की जरूरत नहीं, ‘पैनिक बाइंग’ से बचें

​मिडिल-ईस्ट के युद्ध के नाम पर अक्सर जमाखोर सक्रिय हो जाते हैं और कृत्रिम किल्लत पैदा कर कीमतें बढ़ा देते हैं। भागलपुर प्रशासन की यह ‘प्रो-एक्टिव’ पहल सराहनीय है। मजिस्ट्रेट की तैनाती से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो सिलेंडर डंप करने की फिराक में रहते हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बाइंग’ (घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी) न करें। जब वितरण सरकारी निगरानी में हो रहा है, तो हर उपभोक्ता को उसका हक मिलेगा।

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