मुजफ्फरपुर: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच सियासी गतिविधियां चरम पर हैं। पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। इसी बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। छठ महापर्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है।
राहुल गांधी के बयान पर मचा बवाल
जानकारी के मुताबिक, बीते 29 अक्टूबर को राहुल गांधी ने मुजफ्फरपुर जिले के सकरा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा था। इस दौरान उन्होंने कहा था —
“चुनाव जीतने के लिए पीएम मोदी कुछ भी कर सकते हैं। अगर आप उनसे नाचने के लिए कहेंगे तो वो मंच पर आकर डांस करने लगेंगे। चुनाव के बाद वो कहीं नजर नहीं आएंगे।”
उन्होंने आगे कहा था कि छठ पर्व पर भी पीएम मोदी ड्रामा कर रहे हैं।
इस बयान के बाद बिहार में राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है।
अधिवक्ता सुधीर ओझा ने दाखिल किया परिवाद
राहुल गांधी के इस बयान को लेकर अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में परिवाद दायर कराया है।
परिवादी ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी के बयान से करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और प्रधानमंत्री के सम्मान को ठेस पहुंची है।
ओझा ने अपने परिवाद में कहा —
“राहुल गांधी ने जानबूझकर प्रधानमंत्री मोदी की छवि को नुकसान पहुंचाने और देश को अपमानित करने के उद्देश्य से ऐसा बयान दिया है।”
उन्होंने अदालत से राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मुकदमा चलाने और गिरफ्तारी की मांग की है।
राजनीतिक हलकों में मची हलचल
राहुल गांधी के बयान पर जहां कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बयान बताया है, वहीं बीजेपी ने इसे हिंदू आस्था और छठ पर्व का अपमान करार दिया है।
मुजफ्फरपुर की यह शिकायत आने वाले दिनों में राजनीतिक विवाद का बड़ा मुद्दा बन सकती है, खासकर तब जब बिहार विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने चरम पर है।


