भारत के इतिहास में 26 नवंबर का दिन सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव को याद करने का अवसर है। यही वह दिन है जब भारत का संविधान तैयार हुआ और आधुनिक भारत की दिशा तय करने वाली विधिक संरचना राष्ट्र को समर्पित की गई। पहले इसे राष्ट्रीय कानून दिवस कहा जाता था, लेकिन आज पूरे देश में इसे संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में संविधान के महत्व, न्याय व्यवस्था, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
क्यों मनाया जाता है संविधान दिवस?
26 नवंबर 1949 को भारत की संविधान सभा ने देश के संविधान को आधिकारिक रूप से अंगीकृत कर लिया था। हालांकि संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, लेकिन इसी दिन के अंगीकरण के कारण 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है।
इसी के साथ भारत एक पूर्ण गणतांत्रिक राष्ट्र बना और नागरिकों को समानता, न्याय, स्वतंत्रता और अवसरों की गारंटी मिली।
देशभर के नेताओं ने किया बाबा साहेब को नमन
आज संविधान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय कुमार सिन्हा, और राजद नेता तेजस्वी यादव सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को स्मरण किया।
सभी नेताओं ने सोशल मीडिया पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संविधान के मूल्यों और आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।
CM नीतीश कुमार ने दी संविधान दिवस और नशा मुक्ति दिवस की बधाई
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स (Twitter) पर लिखा—
“संविधान दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संविधान के निर्माण से जुड़े महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं विद्वानों को सादर नमन। नशामुक्ति दिवस पर हम सभी को हर प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए। आइए, नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाकर बिहार को स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल बनाएं।”
नीतीश कुमार के संदेश में संविधान और सामाजिक सुधार दोनों का समन्वय दिखा।
सम्राट चौधरी: ‘हमारा संविधान ही हमारी पहचान’
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने संविधान दिवस पर लिखा—
“हमारा संविधान ही हमारी पहचान है। सभी भारतवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संविधान लोकतंत्र को मजबूती देता है और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करता है।”
उन्होंने नशा मुक्ति दिवस पर भी जागरूकता संदेश दिया—
“नशे के खिलाफ एकजुट होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करें।”
विजय कुमार सिन्हा: ‘विश्व का सबसे बड़ा संविधान, हमारा गर्व’
बिहार के डिप्टी सीएम और खनन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने लिखा—
“विश्व का सबसे बड़ा संविधान, हम भारतीयों का अभिमान। राष्ट्रीय संविधान दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।”
तेजस्वी यादव ने कहा— संविधान हमारा ‘सबसे पवित्र और अद्भुत ग्रंथ’
राजद नेता तेजस्वी यादव ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा—
“संविधान प्रत्येक वर्ग, समुदाय और क्षेत्र की आकांक्षाओं को सुरक्षित करता है। यह न्यायपरक और समतावादी राष्ट्र की नींव है। संविधान हमारा सबसे पवित्र और अद्भुत ग्रंथ है।”
तेजस्वी ने बाबा साहेब को नमन करते हुए समाज के गरीब, वंचित और उपेक्षित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का संकल्प भी दोहराया।
संविधान दिवस: लोकतंत्र, अधिकार और कर्तव्यों का स्मरण
संविधान दिवस भारतीय लोकतंत्र के प्रति आस्था, नागरिक अधिकारों के प्रति जागरूकता और कर्तव्यों के पालन के संकल्प का प्रतीक है।
इस अवसर पर देशभर में स्कूलों, कॉलेजों, न्यायालयों, सरकारी संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।


