बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शनिवार को बोधगया पहुँचे और विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की।
उन्होंने भगवान बुद्ध के चरणों में माथा टेका और विश्व कल्याण, खुशहाली एवं तरक्की की प्रार्थना की। चुनावी शोरगुल के बीच खड़गे का मंदिर पहुँचना लोगों में खास चर्चा का विषय बना रहा।
चुनावी प्रचार की शुरुआत बुद्ध चरणों से
खड़गे शुक्रवार देर शाम गया पहुँचे थे और कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सभा के बाद बोधगया में रुके।
शनिवार सुबह अपने चुनावी कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले वे महाबोधि मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में स्थापित भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेका।
इसके बाद उन्होंने बोधि वृक्ष के नीचे कुछ देर ध्यान लगाकर शांति के पल बिताए, जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था।
मंदिर प्रबंधन ने किया पारंपरिक स्वागत
बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने उनका स्वागत किया।
सम्मानित भिक्षु दीनानंद और डॉ. मनोज ने पारंपरिक खादा पहनाकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का सम्मान किया।
बीटीएमसी के भंते द्वारा सत्तू पाठ और विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे।
खड़गे ने महाबोधि मंदिर को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक बताया।
“यह स्थल आध्यात्मिक सौभाग्य देता है” – मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने कहा:
“इस पवित्र स्थल की यात्रा आध्यात्मिक सौभाग्य है। यहां की दिव्य ऊर्जा उत्थानकारी है। मुझे गहन शांति और नई प्रेरणा मिली। निकट भविष्य में पुनः आने की इच्छा है।”
विदेशी श्रद्धालु भी चुनावी माहौल को लेकर उत्सुक
मंदिर में मौजूद नेपाली और अन्य विदेशी श्रद्धालुओं ने भी खड़गे की उपस्थिति को उत्सुकता से देखा।
नेपाल से आए एक भक्त ने बताया कि उन्हें बिहार चुनाव की जानकारी है और उम्मीद है कि चाहे जिसकी सरकार बने, बोधगया का विकास जारी रहे।
चुनावी उभार के बीच आध्यात्मिक संगम
चुनाव अपने चरम पर है, और नेता लगातार भगवान बुद्ध से आशीर्वाद लेने मंदिर पहुँच रहे हैं।
इन दिनों महाबोधि मंदिर राजनीतिक गतिविधियों और आध्यात्मिक ऊर्जा—दोनों का केंद्र बना हुआ है।


