नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली भारी हार के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को दिल्ली में व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 61 उम्मीदवारों से अलग-अलग समूहों में बातचीत की और उनकी रिपोर्ट ली।
बैठक में अधिकांश उम्मीदवारों ने हार की मुख्य वजह महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बताया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की पार्टी से गठबंधन ने कांग्रेस की स्थिति कमजोर कर दी। कई प्रत्याशियों का मानना था कि यदि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ती, तो नतीजे काफी बेहतर होते। कुछ नेताओं ने भविष्य में राजद से अलग होकर चुनाव लड़ने की मांग भी रखी।
अररिया से विजयी कांग्रेस विधायक अबिदुर रहमान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं को चुनाव से पहले 10-10 हजार रुपये देने की घोषणा का बड़ा प्रभाव पड़ा, जिससे एनडीए को लाभ मिला। उन्होंने सीट बंटवारे में देरी और करीब एक दर्जन सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ को कांग्रेस की छवि के लिए नुकसानदायक बताया।
रहमान ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और AIMIM ने चुनाव को हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में बदलने की कोशिश की, जिसका असर नतीजों में दिखा।
बैठक के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने उम्मीदवारों से 10-10 के समूह में मुलाकात की। खास बात यह रही कि बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को कई बार चर्चा से बाहर रखा गया, ताकि उम्मीदवार बिना झिझक अपनी बात रख सकें। कई मौकों पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को भी बाहर जाने के लिए कहा गया।
समीक्षा बैठक के बाद कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि पहली बार इतने विस्तार से चुनावी नतीजों पर चर्चा हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना है और बिहार के लिए नए राजनीतिक रोडमैप पर काम शुरू होगा।
इस बीच, बैठक के दौरान इंदिरा भवन में एक अप्रिय घटना भी हुई। वैशाली से उम्मीदवार संजीव और पूर्णिया के प्रत्याशी जितेंद्र यादव के बीच गाली-गलौज और तीखी नोक-झोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि संजीव ने जितेंद्र को गोली मारने की धमकी तक दे दी। बाद में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। यह घटना राहुल गांधी और खरगे के आने से पहले की बताई जा रही है।


