नवगछिया में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप… 150 से अधिक कौओं की मौत, 10 किमी दायरे में अलर्ट, प्रशासन एक्शन मोड में

भागलपुर/नवगछिया।नवगछिया अनुमंडल परिसर स्थित मैदान में बड़ी संख्या में मृत मिले कौओं की जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है और प्रभावित क्षेत्र के चारों ओर 10 किलोमीटर के दायरे में सेनेटाइजेशन अभियान शुरू कर दिया गया है।

जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए बताया कि मृत कौओं के सैंपल जांच के लिए पटना और भोपाल लैब भेजे गए थे, जहां से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।


150 से ज्यादा कौओं की मौत से मची थी दहशत

घटना 11 जनवरी की है, जब मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने मैदान में पेड़ के नीचे 150 से अधिक मृत कौए पड़े देखे थे। कई कौए तड़पती हालत में भी मिले थे। इस दृश्य से इलाके में दहशत फैल गई थी। सूचना मिलते ही वन विभाग और पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत पक्षियों को सुरक्षित तरीके से हटाया गया।


सैंपल जांच के बाद खुलासा

वन विभाग और पशुपालन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से सैंपल कलेक्ट कर उच्च स्तरीय लैब भेजे थे। भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि होते ही प्रशासनिक मशीनरी सक्रिय हो गई।


10 KM में सख्त निगरानी, पोल्ट्री फार्म भी जांच के घेरे में

  • प्रभावित इलाके के चारों ओर 10 किलोमीटर का दायरा हाई अलर्ट जोन घोषित।
  • बड़े पैमाने पर सेनेटाइजेशन कराया जा रहा है।
  • क्षेत्र के सभी पोल्ट्री फार्म से सैंपल लिए जा रहे हैं।
  • जीरो सर्विलेंस के तहत फिर से जांच कराई जाएगी।

प्रशासन बोला- स्थिति नियंत्रण में

प्रशासन का कहना है कि हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए सख्त निगरानी और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं।


क्या बोलीं जिला पशुपालन पदाधिकारी?

डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने कहा—
“11 जनवरी को कौवों की मौत हुई थी। उस समय बहुत ठंड थी, इसलिए शुरुआत में ठंड से मरने की आशंका थी। लेकिन सैंपल जांच के बाद भारत सरकार से पुष्टि हो गई कि मौत बर्ड फ्लू के कारण हुई है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में सेनेटाइजेशन कराया जा रहा है। 11 तारीख को भी यह कार्य किया गया था। इसके अलावा, इलाके के सभी पोल्ट्री फार्म का जीरो सर्विलेंस कर सैंपल फिर से जांच के लिए भेजा जाएगा।”


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मृत या बीमार पक्षी दिखने पर तुरंत प्रशासन को सूचना दें और खुद संपर्क से बचें।

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