
पटना: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा संदेश देते हुए साफ कर दिया है कि उनकी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे मंत्री हो, विधायक, जनप्रतिनिधि या फिर शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक का कोई भी अधिकारी, यदि आर्थिक अपराध या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई होगी।
‘मंत्री हो या अफसर, कार्रवाई तय’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में रहकर यदि कोई भी व्यक्ति भ्रष्टाचार करता है तो उसके पद या प्रभाव को देखते हुए कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
“सरकार में रहकर चाहे मंत्री हो, विधायक हो, जनप्रतिनिधि हो या हमारे कोई भी ऑफिसर हों, टॉप से लेकर बॉटम तक यदि आर्थिक अपराध में संलिप्त पाए जाते हैं तो हर हालत में कार्रवाई होगी। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।”
‘शॉर्टकट से अमीर बनने वाले सीधे बेऊर जेल जाएंगे’
मुख्यमंत्री ने समाज में तेजी से बढ़ रही अवैध तरीके से धन अर्जित करने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग शॉर्टकट अपनाकर अमीर बनने की कोशिश करेंगे, उन्हें सीधे बेऊर जेल भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि समाज में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
निगरानी एजेंसियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU), निगरानी अन्वेषण ब्यूरो और आर्थिक अपराध इकाई को निर्देश दिया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं मिलेगा।
जब्त संपत्तियों में खुलेंगे स्कूल
मुख्यमंत्री की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा रही कि भ्रष्टाचारियों की जब्त संपत्तियों का उपयोग अब समाजहित में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों की संपत्तियां भ्रष्टाचार के मामलों में जब्त होंगी, वहां बिहार सरकार विद्यालय संचालित करेगी, ताकि समाज को यह संदेश मिले कि भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति अंततः जनता के ही काम आती है।
स्कूलों में चलेगा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
सरकार आने वाली पीढ़ी को ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने के लिए विद्यालयों में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान भी चलाएगी।
इस अभियान के माध्यम से छात्रों में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और नैतिक आचरण की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
‘Triple T’ मॉडल पर चलेगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए Triple T Model पर काम कर रही है—
- Transparency (पारदर्शिता)
- Technology (प्रौद्योगिकी)
- Trust (विश्वास)
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, पारदर्शी प्रशासन और जनता के विश्वास के आधार पर बिहार में सुशासन को नई मजबूती दी जाएगी।
विकसित बिहार के संकल्प को दोहराया
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर लगातार कार्य कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन और विकास की मजबूत नींव रखी। वर्तमान सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से ईमानदारी के साथ राज्य के विकास में योगदान देने की अपील करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और समृद्ध बिहार का निर्माण संभव है।


