भागलपुर। जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सबौर ने लगातार दूसरे दिन बिहार की सबसे ठंडी जगह होने का रिकॉर्ड कायम रखा है। बुधवार को ठंड ने मंगलवार के मुकाबले और ज्यादा सितम ढाया। दिन में धूप जरूर निकली, लेकिन 9 से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली सर्द पछुआ हवाओं ने लोगों को दिनभर ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।
मंगलवार को सबौर का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो बुधवार को और गिरकर 4.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह तापमान राज्य के सभी 38 जिलों में सबसे कम रहा। सुबह करीब सात बजे घना कोहरा पूरे शहर पर छा गया, जिससे दृश्यता घटकर 20 से 25 मीटर तक रह गई। इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी नजर आई।
के अनुसार, मकर संक्रांति तक ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर हो सकता है, लेकिन ठिठुरन बनी रहेगी।
24 घंटे में और बढ़ी ठंड
बीते 24 घंटे में जिले के मौसम में ठंड का असर और गहराया है। इस दौरान दिन का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जबकि रात का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस और कम हो गया।
बुधवार को अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ये दोनों तापमान सामान्य से क्रमशः 3.7 डिग्री और 4.9 डिग्री सेल्सियस कम रहे।
सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता 100 प्रतिशत दर्ज की गई, जो शाम साढ़े पांच बजे घटकर 78 प्रतिशत रह गई। बीते 24 घंटे में पछुआ हवाएं औसतन 7.2 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रहीं, जिससे ठंड का अहसास और बढ़ गया।
सात दिनों में लगातार गिरता पारा
पिछले सात दिनों के आंकड़े बताते हैं कि दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन न्यूनतम तापमान तेजी से गिरा है, जिससे रात और सुबह की ठंड ज्यादा असरदार हो गई है।
(तापमान संबंधी आंकड़े बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम विभाग के अनुसार हैं।)
ओपीडी में बढ़े मरीज, फिर भी सामान्य से कम
लगातार दूसरे दिन धूप निकलने के बाद अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार को जहां 1436 मरीजों का इलाज हुआ था, वहीं बुधवार को मायागंज अस्पताल की ओपीडी में 1563 मरीज पहुंचे। हालांकि यह संख्या अब भी सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत कम है। दोपहर बाद तीन बजे तक अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जांच को लेकर भी अस्पताल में भीड़ देखी गई।
11 जनवरी तक जारी रहेगा कड़ाके की ठंड
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार, इस समय मौसम पर कई मौसमी सिस्टम का असर है। जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर भारत के ऊपर तेज रफ्तार से बह रही उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, और बांग्लादेश के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण—इन सभी कारणों से 11 जनवरी तक प्रदेश में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि रात में सर्द पछुआ हवाएं ठंड को और तीव्र करेंगी, जबकि सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा। लोगों को ठंड और कोहरे को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।


