5462 बेड का बनेगा बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल, आपातकालीन भवन में शुरू हुईं विश्वस्तरीय सुविधाएं
पटना।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) के मेगा पुनर्विकास प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नवनिर्मित आपातकालीन भवन (फेज-1) में मौजूद अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
रेडियोलॉजी और NICU में दिखी नई तस्वीर
मुख्यमंत्री ने आपातकालीन भवन के प्रथम तल स्थित रेडियोलॉजी विभाग में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि यहां
- विश्वस्तरीय सीटी स्कैन,
- एमआरआई मशीन,
- और आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री पांचवें तल पर पहुंचे, जहां उन्होंने शिशु विभाग का निरीक्षण किया। यहां
- NICU वार्ड,
- नर्स स्टेशन,
- स्वच्छ और मलिन वस्त्र भंडार
की व्यवस्था देखी।
5462 बेड का बनेगा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि PMCH का पुनर्विकास कार्य तेज गति से चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद PMCH की क्षमता 5462 बेड की हो जाएगी। यह बिहार का ही नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक होगा।
सीएम का सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा—
- निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए
- गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो
- मरीजों को इलाज में कोई परेशानी न हो
- डॉक्टरों, नर्सों और छात्रों के लिए आवासन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
उन्होंने यह भी कहा कि PMCH को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भी अत्याधुनिक इलाज मिल सके।
जेपी गंगा पथ के सौंदर्यीकरण का भी लिया जायजा
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ पर चल रहे पार्क और सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., PMCH अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
PMCH का यह रूपांतरण बिहार के स्वास्थ्य ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव लाने जा रहा है।


