बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को 3 मिनट 53 सेकंड का वीडियो संदेश जारी कर जनता से एक बार फिर मौका देने की अपील की। नीतीश ने कहा कि 2005 से उनकी सरकार ने पूरी ईमानदारी से राज्य की सेवा की है और बिहार को देश में सम्मान दिलाने का काम किया है।
“बिहारी कहलाना कभी अपमान था, आज गर्व है”: नीतीश कुमार
वीडियो संदेश में नीतीश कुमार ने कहा—
“2005 से हमने ईमानदारी और समर्पण के साथ काम किया है। एक समय था जब बिहारी कहलाना अपमान समझा जाता था, लेकिन आज यह गर्व की बात है। यह बदलाव आपकी बदौलत और सरकार की मेहनत से संभव हुआ है।”
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बिहार के समग्र विकास को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार का बने रहना जरूरी है।
NDA को वोट देने की अपील
नीतीश कुमार ने कहा कि राजग सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, कानून-व्यवस्था और महिलाओं के सशक्तिकरण पर अभूतपूर्व कार्य किया है। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि विकास की इस रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए NDA को एक बार फिर मौका दें।
आज कई बड़ी चुनावी रैलियां: शाह, नड्डा और प्रियंका मैदान में
शनिवार को बिहार में चुनावी हलचल तेज रहेगी।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा
- कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा
—आज राज्य में कई रैलियों को संबोधित करेंगे। प्रियंका गांधी की यह बिहार चुनाव घोषणा के बाद पहली यात्रा है।
कांग्रेस का आरोप—“NDA ने नीतीश को बोलने नहीं दिया”
NDA के घोषणापत्र जारी करने के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने हमला बोला।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा कि घोषणापत्र जारी करने के दौरान मुख्यमंत्री को बोलने का मौका न देना “बिहार और बिहारियों का अपमान” है।
गहलोत के अनुसार कार्यक्रम “सिर्फ 26 सेकंड चला”, क्योंकि NDA नेता पिछले 20 वर्षों के शासन पर सवालों से डरते थे।
NDA बनाम महागठबंधन: किसकी होगी जीत?
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के लिए मतदान 6 नवंबर और 11 नवंबर को दो चरणों में होगा।
गठबंधन इस प्रकार हैं—
✅ NDA गठबंधन
- BJP
- JDU
- LJP (रामविलास)
- HAM (सेक्युलर)
- RLM
✅ महागठबंधन (RJD के नेतृत्व में)
- RJD
- कांग्रेस
- CPI-ML (लिबरेशन)
- CPI
- CPM
- VIP
इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जिससे मुकाबला कई क्षेत्रों में त्रिकोणीय हो गया है।
नीतीश कुमार के इस भावनात्मक संदेश के बाद चुनावी गर्माहट और बढ़ गई है। अब देखना यह है कि जनता 20 वर्षों के नीतीश शासन को आगे बढ़ाने का मौका देती है या बदलाव का रास्ता चुनती है।


