भागलपुर, 6 अगस्त | भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ओपीडी काउंटर के पास चिट्ठा कटवाने को लेकर दो मरीज आपस में भिड़ गए। मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद धक्का-मुक्की और हाथापाई तक पहुँच गया, जिससे ओपीडी परिसर में कुछ देर के लिए अव्यवस्था और डर का माहौल बन गया।
झगड़े के पीछे लंबी लाइन और अव्यवस्थित व्यवस्था
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मरीजों के बीच लाइन में आगे-पीछे होने को लेकर बहस शुरू हुई। अस्पताल में ओपीडी के लिए पर्ची (चिट्ठा) कटवाने की लंबी कतार और सीमित काउंटर पहले से ही मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इसी भीड़-भाड़ और अव्यवस्था के बीच यह विवाद बढ़ गया।
सुरक्षा गार्ड ने मौके पर पहुंचकर किया हस्तक्षेप
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए दोनों पक्षों को अलग किया। गार्ड की त्वरित कार्रवाई से कोई बड़ी अनहोनी टल गई। हालांकि, इस दौरान कुछ मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा और थोड़ी देर के लिए ओपीडी की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मरीजों ने उठाई व्यवस्थागत सुधार की मांग
मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि अस्पताल में रोजाना हजारों लोग इलाज के लिए आते हैं, लेकिन चिट्ठा कटवाने की प्रक्रिया बेहद धीमी और अव्यवस्थित है।
एक मरीज के परिजन ने कहा:
“लाइन में लगने के बावजूद कई बार लोग बीच में घुस आते हैं। कोई सुरक्षा या निगरानी नहीं होती। इससे तनाव और झगड़े की नौबत आ जाती है।”
प्रशासन से समुचित व्यवस्था की अपील
अस्पताल प्रशासन से मांग की जा रही है कि:
- ओपीडी पर्ची काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाए,
- ई-चिट्ठा या टोकन सिस्टम लागू किया जाए,
- भीड़ नियंत्रण के लिए स्थायी निगरानी तंत्र और स्टाफ की संख्या में वृद्धि हो।
हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से इस पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर जल्द व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
मायागंज अस्पताल जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान में व्यवस्थागत सुधार और डिजिटल सुविधा की तत्काल आवश्यकता है। ताकि आने वाले मरीजों को न केवल बेहतर इलाज मिले, बल्कि सम्मानजनक और सुरक्षित अनुभव भी सुनिश्चित हो।


