दिल्ली में CJP प्रदर्शन हिंसक: पुलिस पर हमले, सरकारी संपत्ति को नुकसान; उपद्रवियों पर होगी बड़ी कार्रवाई, FIR की तैयारी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले, पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ के मामलों में आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी धाराओं में FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस पर हमला करने वालों की होगी पहचान

दिल्ली पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी घायल हुए। सार्वजनिक और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। अब सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों, वीडियो रिकॉर्डिंग और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

दिल्ली पुलिस की दोटूक चेतावनी

पुलिस मुख्यालय ने बयान जारी कर कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि वे शांति बनाए रखें और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भ्रामक पोस्ट, वीडियो और अफवाहों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी पोस्ट या वीडियो को साझा न करें। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही गलत जानकारी माहौल खराब कर सकती है, इसलिए केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों की जानकारी पर ही भरोसा करें।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से होगी वसूली

पुलिस ने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से नुकसान की भरपाई भी कराई जा सकती है। वहीं, पुलिसकर्मियों पर हमला और सरकारी कार्य में बाधा डालना गंभीर एवं गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है, जिसमें कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

पूरे घटनाक्रम की जांच तेज

दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा से जुड़े सभी वीडियो, फोटो और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी रखी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।

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