
नई दिल्ली: केंद्र सरकार और CJP के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीन दौर की वार्ता के बाद महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते की औपचारिक घोषणा की गई। CJP ने बताया कि सरकार ने संगठन की सभी प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं और इसके साथ ही आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का निर्णय लिया गया है। इसे आंदोलनकारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
CJP के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई है और प्रमुख मांगें पूरी होने के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।
जंतर-मंतर खाली करने की अपील
आंदोलन समाप्त होने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने घर लौटने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा कारणों से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों को भी चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला जा रहा है।
पिछले 48 घंटे में सरकार ने उठाए कई बड़े कदम
आंदोलन के दौरान पिछले दो दिनों में केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इनमें—
- शिक्षा सचिव को पद से हटाया गया।
- NTA के 47 अधिकारियों और कर्मियों को बर्खास्त किया गया।
- पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
- सरकार से मिले आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त किया।
NEET विवाद के बाद शुरू हुआ था आंदोलन
यह आंदोलन NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ था। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित कई मांगें उठाई गई थीं। तीन दौर की बातचीत के बाद सरकार और CJP के बीच सहमति बनने के साथ ही आंदोलन समाप्त हो गया।
नोट: समझौते की विस्तृत शर्तों और सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेशों की प्रतीक्षा है। यदि सरकार औपचारिक अधिसूचना जारी करती है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


