जमुई में अंचलाधिकारी और थानेदार आमने-सामने, तिरंगा यात्रा रोकने को लेकर विवाद

जमुई: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘शौर्य तिरंगा यात्रा’ रोकने को लेकर जमुई में अंचलाधिकारी और थानेदार के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी। अंचलाधिकारी निर्भय प्रताप सिंह अचानक टाउन थाना पहुंचे और अपने गिरफ्तारी की मांग कर दी, अगर पुलिस दोषी कर्मियों पर कार्रवाई नहीं करती है।

तिरंगा यात्रा रोकने का मामला

निर्भय प्रताप सिंह ने ‘नेचर विलेज’ संस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और नशामुक्ति जैसे अभियान चलाए हैं। 15 अगस्त को वे बड़ी संख्या में लोगों के साथ स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य तिरंगा यात्रा निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने अनुमति नहीं दी।

अंचलाधिकारी का कहना है कि उन्होंने पहले से जमुई अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन दिया था। बावजूद इसके, यात्रा के दिन पुलिस ने रोकने की कोशिश की। थानेदार से फोन पर बातचीत में धमकी दी गई कि आदेश नहीं माना तो एफआईआर दर्ज कर दी जाएगी

थाने में बहस और इस्तीफा

टाउन थाना में अंचलाधिकारी और थानेदार अमरेंद्र कुमार के बीच तीखी बहस हुई। थानेदार समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन निर्भय प्रताप सिंह ने कहा कि अगर तिरंगा यात्रा निकालना अपराध है तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए।

अंचलाधिकारी ने पत्रकारों से कहा:
“भारत में तिरंगा यात्रा नहीं निकालेंगे तो कहां निकालेंगे? आवेदन देने के बाद भी यात्रा रोक दी गई। अगर एक अंचलाधिकारी से इस प्रकार व्यवहार होता है तो आम लोगों के साथ कैसा व्यवहार होगा।”

इस घटना से दुखी होकर निर्भय प्रताप सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि कागजात विभाग को भेज देंगे और थाने जाएंगे। यदि कोई गलत किया है तो उन्हें अरेस्ट किया जाए, या दोषी थानेदार पर वरीय पदाधिकारी कार्रवाई करें।

निर्भय प्रताप सिंह पहले लक्ष्मीपुर प्रखंड के अंचलाधिकारी थे, हाल ही में उनका तबादला हुआ है।


 

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