संसद की सुरक्षा व्यवस्था में चूक पर बोले चिराग पासवान, जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की जरूरत

पटना: संसद की सुरक्षा में सेंधमारी की बड़ी घटना उस वक्त सामने आई, जब लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से दो लोग सदन के भीतर कूद गए और ‘केन’ के जरिये पीले रंग का धुआं फैला दिया. घटना के तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया. इस घटना के कुछ देर बाद ही पीले और लाल रंग का धुआं छोड़ने वाली ‘केन’ लेकर संसद भवन के बाहर प्रदर्शन करने वाले एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया है।

संसद सुरक्षा चूक मामले में अब लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जमुई सांसद चिराग पासवान ने बड़ी मांग की है. संसद में हुई घटना पर चिराग पासवान ने कहा कि चूक तो हुई है. इस पर अध्ययन करने की जरूरत है. समीक्षा करने की जरूरत है. प्रोटोकॉल को और सख्त करना हो तो उसे किया जाना चाहिए।

चिराग पासवान ने कहा, “देश की संसद है और चुने हुए सांसद पर आते हैं. ना सिर्फ सांसदों की सुरक्षा का मामला है बल्कि देश के प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री यहीं पर बैठते हैं. ऐसे में अगर सदन में इस तरीके की घटना होगी तो यकीनन देश भर में इसका संदेश ठीक नहीं जाएगा. ऐसे में मुझे लगता है कि जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय करने की जरूरत है।

कहा कि संसद के परिसर में आम लोग जो विजिटर्स होते हैं वो पास लेकर घूमते हैं. बिना क्रॉस वेरिफाई किए वह व्यक्ति कौन है नहीं है कई बार सासंद लोग भी हस्ताक्षर कर देते हैं. बिना पहचान के सदन में किसी के भी जाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दर्शक दीर्घा और सांसदों के बीच में कितनी दूरी है, लेकिन वह व्यक्ति इतनी सहजता से कूद गया. ये दर्शाता है कि आज ये घटना हुई है तो कल को कोई और बहुत बड़ी घटना घट सकती है।

चिराग पासवान ने कहा कि ऐसे में नियम कानून को और सख्त करने की जरूरत है. जिन सासंदों के माध्यम से लोग आते हैं या सांसद हस्ताक्षर करते हैं उसको और जितना सख्त करने की जरूरत है किया जाना चाहिए।

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