होली पर हुड़दंगियों की खैर नहीं: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत का ‘हाई-अलर्ट’ ऑर्डर; डीजे पर पहरा और दंगा निरोधक दस्ता रहेगा रेडी

पटना | 25 फरवरी, 2026: बिहार में रंगों का त्योहार होली इस बार केवल खुशियों वाली होगी, हुड़दंग वाली नहीं। राज्य सरकार ने अभी से ही शांति व्यवस्था कायम करने के लिए कमर कस ली है। बुधवार को बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसमें राज्य के सभी डीएम (DM) और एसपी (SP) को दो-टूक कह दिया गया है—’होली पर शांति चाहिए, किसी भी कीमत पर।’

पिछले साल की ‘गलतियों’ से सबक: एडीजी का अलर्ट

​बैठक में एडीजी (विधि-व्यवस्था) श्री पंकज दराद ने एक चौंकाने वाला डेटा साझा किया। उन्होंने बताया कि राज्य में होली 3 और 4 मार्च को मनाई जाएगी। पिछले साल होली के दौरान लगभग 20 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इस इतिहास को दोहराने से रोकने के लिए एडीजी ने संबंधित जिलों को विशेष रूप से सतर्क रहने की हिदायत दी है।

  • शांति समिति: सभी डीएम को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से शांति समिति की बैठकें करें ताकि अफवाहों पर ब्रेक लग सके।

डीजीपी का सख्त आदेश: डीजे बजाया तो खैर नहीं

​बिहार के डीजीपी श्री विनय कुमार ने पुलिस महकमे को साफ संदेश दिया है कि होली के दौरान डीजे (DJ) के संचालन पर ‘बाज़ की नज़र’ रखी जाए।

  • तुरंत कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों पर ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई होगी।
  • पुलिस ब्रीफिंग: डीजीपी ने सभी एसपी को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जवानों और अधिकारियों की खुद ब्रीफिंग करें, ताकि वे ड्यूटी के दौरान मुस्तैद रहें और किसी भी उकसावे में न आएं।

दंगा निरोधक दस्ता 24 घंटे ‘रेडी मोड’ में

​सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस ने ‘पाताल’ से ‘आकाश’ तक घेराबंदी की तैयारी की है:

  • Riot Control Squad: दंगा नियंत्रण दस्ता 24 घंटे एक्टिव रहेगा।
  • चेकिंग अभियान: संवेदनशील स्थानों पर विशेष चेकिंग टीमों का गठन किया गया है।
  • इमरजेंसी रिस्पॉन्स: ‘डायल 112’ और जिला समन्वय केंद्रों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
  • स्वास्थ्य एवं सुरक्षा: किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अस्पतालों और फायर ब्रिगेड को भी ‘एक्टिव मोड’ पर रहने को कहा गया है।

प्रशासन का कड़ा संदेश: अफवाह फैलाई तो जाएंगे जेल

​गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद चौधरी ने भी जिला प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।

द वॉयस ऑफ बिहार का नजरिया: होली आपसी सौहार्द का त्योहार है, लेकिन कुछ शरारती तत्व इसमें खलल डालने की कोशिश करते हैं। प्रशासन की यह ‘प्री-होली’ तैयारी सराहनीय है। प्रत्यय अमृत के कड़े तेवर और पुलिस की मुस्तैदी यह संकेत दे रही है कि इस बार ‘कानून तोड़ने वालों’ के चेहरे पर जेल का रंग चढ़ना तय है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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