पटना, 26 सितंबर 2025: बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का विधिवत आरंभ 26 सितंबर 2025 (शुक्रवार) को होगा।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और लगभग 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 7,500 करोड़ रुपये का वितरण करेंगे। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे।
योजना की रूपरेखा
- जिला स्तर: सभी 38 जिला मुख्यालय में डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम। इसमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कम से कम 1,000 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं शामिल होंगी।
- प्रखंड स्तर: 534 प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ की अध्यक्षता में कार्यक्रम। 500 एसएचजी महिलाएं भाग लेंगी।
- संकुल स्तर: 1,680 संकुलों में कार्यक्रम, प्रत्येक में 200 महिलाएं शामिल।
- ग्राम संगठन स्तर: 70,000 ग्राम संगठनों में लाइव प्रसारण। प्रत्येक में 100 महिलाएं भाग लेंगी।
योजना का उद्देश्य
- महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रारंभिक वित्तीय सहायता देना।
- खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई, बुनाई और अन्य लघु उद्यमों में निवेश कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना।
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को समान लाभ पहुंचाना।
- महिलाओं को एसएचजी से जोड़कर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना।
- ग्रामीण हाट-बाजार को विकसित कर उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करना।
आवेदन की स्थिति
- ग्रामीण क्षेत्र: 1 करोड़ 9 लाख 82 हजार महिलाएं आवेदन कर चुकी हैं।
- शहरी क्षेत्र: 6 लाख 5 हजार महिलाओं ने आवेदन किया, 7 लाख 84 हजार महिलाओं ने एसएचजी से जुड़ने के लिए आवेदन किया।
आवेदन प्रक्रिया:
- ग्रामीण क्षेत्र: एसएचजी से जुड़ी महिलाएं ग्राम संगठन में आवेदन देंगी। समूह में न जुड़ी महिलाएं पहले समूह में शामिल होंगी।
- शहरी क्षेत्र: महिलाएं www.brlps.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। पहले से एसएचजी से जुड़ी महिलाओं को आवेदन की आवश्यकता नहीं।
विशेष बातें
- यह योजना सभी परिवारों की एक महिला के लिए यूनिवर्सल है।
- महिलाओं को स्वरोजगार हेतु 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, व्यवसाय अच्छा चलने पर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त राशि भी मिल सकती है।
- योजना के माध्यम से महिलाओं को एसएचजी से जोड़कर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
- राज्यभर में लगभग 11 लाख स्वयं सहायता समूह और 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियां इस योजना के तहत लाभान्वित होंगी।
यह योजना बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्वरोजगार बढ़ाने और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।


