
पटना/नवादा (बिहार): मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत राज्य की 25 लाख पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रति महिला ₹10,000 की दर से कुल ₹2,500 करोड़ आर्थिक सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक आधार देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
नवादा जिले की 32,000 महिलाओं को मिली सहायता
नवादा जिले में 32,000 महिलाओं के खातों में ₹10,000 प्रति लाभुक की दर से कुल ₹32 करोड़ सफलतापूर्वक अंतरित किए गए। यह राशि महिलाओं को किराना दुकान, सिलाई केंद्र, पशुपालन या अन्य छोटे उद्यम शुरू करने में मदद करेगी। स्थानीय स्तर पर जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी से योजना का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो रहा है।
कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
नवादा जिले में डीआरडीए सभागार में यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देखा गया। अपर समाहर्ता डॉ. अनिल कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जीविका दीदियां और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राज कुमार सिन्हा, डीआरडीए निदेशक धीरेज कुमार और जीविका जिला परियोजना प्रबंधक चंदन कुमार सुमन भी उपस्थित थे।
योजना का उद्देश्य
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का लक्ष्य प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार या छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रारंभिक आर्थिक सहायता देना है। पहले चरण में ₹10,000 की मदद प्रदान की जाती है, जिसके बाद महिलाओं को ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा सकती है। अब तक 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और परिवार की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगी। अब तक योजना के विभिन्न चरणों में ₹18,100 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। अधिकारी महिलाओं के व्यवसायों की निगरानी करेंगे और सफल उद्यमियों को आगे की सहायता प्रदान करेंगे।
जीविका दीदियों की भूमिका
राज्यभर में जीविका के स्वयं सहायता समूह की महिलाएं योजना के क्रियान्वयन में प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। वे लाभार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी देती हैं। नवादा की 32,000 महिलाओं सहित राज्य की करोड़ों महिलाएं अब स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
सशक्त बिहार की दिशा में कदम
₹10,000 की प्रारंभिक मदद से शुरू होकर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता महिलाओं को स्थिर आय का स्रोत प्रदान करेगी। इस पहल से बिहार में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और समृद्ध एवं समावेशी बिहार के निर्माण में मदद मिलेगी।


