पटना, 07 अगस्त 2025: बिहार में हाल ही में हुए शिक्षकों के तबादले को लेकर उत्पन्न असंतोष और मांगों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी पहल की है। शिक्षकों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन शिक्षकों का अंतर जिला स्थानांतरण हुआ है, उनसे तीन जिलों का विकल्प लिया जाए, और उसी के अनुसार उनकी नई पोस्टिंग सुनिश्चित की जाए।
शिक्षा विभाग द्वारा हाल में किए गए शिक्षकों के स्थानान्तरण के बारे में विभिन्न स्रोतों से सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। इसकी समीक्षा के क्रम में मैंने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निदेश दिया है कि अन्तर जिला स्थानान्तरण संबंधी जिन शिक्षकों की भी समस्या है, उनसे 3 जिलों का विकल्प प्राप्त किया जाएगा,… https://t.co/3rcWf7HgHO
— Nitish Kumar (@NitishKumar) August 7, 2025
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक हमारे समाज और बच्चों के भविष्य की रीढ़ हैं, ऐसे में उनकी संतुष्टि और सुविधा का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। जिलों के अंदर तबादले की प्रक्रिया जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी, जिससे शिक्षकों की पोस्टिंग यथासंभव उनके इच्छित प्रखंड या उसके नजदीक ही की जा सके।
🔹 क्या है नया निर्देश?
- अंतर जिला तबादला प्राप्त शिक्षकों से तीन पसंदीदा जिलों का विकल्प लिया जाएगा।
- तैनाती उन्हीं जिलों में की जाएगी जिन्हें शिक्षक ने चुना होगा।
- जिले के अंदर तैनाती का जिम्मा डीएम की अध्यक्षता वाली समिति को सौंपा गया है।
- इच्छित प्रखंड या उसके समीप स्थान पर पोस्टिंग का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे स्थानांतरण को लेकर चिंता न करें और पूरी लगन से बच्चों के भविष्य के निर्माण में जुटे रहें। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है।
🔸 पृष्ठभूमि में नाराजगी और आंदोलन:
हाल में हुए ट्रांसफर से कई शिक्षकों की पोस्टिंग ऐसी जगहों पर हुई थी जो उनके घर-परिवार से काफी दूर थे। इसके खिलाफ शिक्षक संगठनों ने विरोध जताया और कई जिलों में ज्ञापन व आंदोलन भी हुए। मुख्यमंत्री के ताजा निर्देशों को शिक्षकों के हित में बड़ा निर्णय माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है।


