पटना | 4 अगस्त 2025:बिहार में लगातार हो रही वर्षा और नदियों के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को आपदा प्रबंधन विभाग एवं राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदियों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को एसओपी (Standard Operating Procedure) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखने का निर्देश दिया।
बिहार के विभिन्न क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि को देखते हुए आज आपदा प्रबंधन विभाग एवं राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, पटना का निरीक्षण किया। संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियाँ एसओपी के अनुरूप पूर्ण रखने तथा अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया। pic.twitter.com/fnMzZKUH0r
— Nitish Kumar (@NitishKumar) August 4, 2025
कोसी, बागमती, गंडक और गंगा नदियों में बढ़ रहा है पानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, कमला बलान और पुनपुन जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। कोसी नदी में वीरपुर बराज पर जलस्राव 1.12 लाख क्यूसेक से बढ़कर 1.89 लाख क्यूसेक हो गया है। वहीं, गंगा नदी बक्सर से कहलगांव तक उफान पर है।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने पटेल भवन स्थित राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र पहुंच कर वहां की कार्यप्रणाली, संसाधनों और तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने गृह विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जलभराव, बाढ़ संभावित क्षेत्रों, फसल क्षति और जनजीवन पर पड़ने वाले प्रभावों की नियमित निगरानी की जाए और जरूरत के अनुसार तुरंत राहत कार्य शुरू किए जाएं।
“आपातकालीन संचालन केंद्र बेहद उपयोगी” – मुख्यमंत्री
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा,
“राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र राज्य में आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से एक अत्यंत उपयोगी व्यवस्था है। वर्षापात की स्थिति, नदियों के जलस्तर और फसल आच्छादन पर केंद्रित निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जन-जान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रशासनिक टीम चौबीसों घंटे सतर्क रहे।


