मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत 6 भवनों का किया उद्घाटन

 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भवन निर्माण विभाग की कई योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया। मुख्यमंत्री ने 85.69 करोड़ रुपये की लागत से बने 6 भवनों का उद्घाटन एवं 536.53 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 23 भवनों का शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया। इसके साथ ही बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा सरकारी अंगीभूत महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) अरवल के भवन का शिलान्यास भी किया गया। इस अवसर पर सरदार पटेल भवन पटना में अधिष्ठापित कला.तियों का लोकार्पण भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सबसे पहले भवन निर्माण विभाग एवं शिक्षा विभाग को उद्घाटन, शिलान्यास एवं कार्यारंभ के लिए बधाई देता हूं। आज अनेक योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास एवं कार्यारंभ किया जा रहा है ये खुशी की बात है। सीतामढ़ी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सीतामढ़ी का आज उद्घाटन किया गया है। आज के शिलान्यास कार्य के बाद पटना समाहरणालय का निर्माण, समस्तीपुर एवं भोजपुर में अभियंत्रण महाविद्यालय का निर्माण, मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न जिलों खगड़िया, पूर्णिया, सारण, गया, शिवहर, भागलपुर एवं बांका में एक-एक खेल भवन सह व्यायामशाला भवन का निर्माण, एम0आई0टी0 मुजफ्फरपुर में 200 की क्षमता वाले बालक एवं बालिका छात्रावास का निर्माण हो सकेगा।

इसके साथ ही राजकीय महिला पॉलिटेक्निक बेला, मुजफ्फरपुर में 200 क्षमता वाले 3 बालिका छात्रावास भवन का निर्माण, नालंदा अभियंत्रण महाविद्यालय चंडी के परिसर में 200 शैय्या वाले बालक और 200 शैय्या वाले बालिका छात्रावास का निर्माण, कटिहार के मनिहारी में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का निर्माण, बिहार राज्य वक्फ विकास योजना के अंतर्गत अंजुमन इस्लामिया वक्फ स्टेट किशनगंज में जी प्लस 3 बहुउद्देशीय वक्फ भवन का निर्माण, अनुसूचित जाति कल्याण छात्रावास रामपुर, गया में 100 शैय्या वाले नये छात्रावास भवन का निर्माण होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल भवन पटना में अधिष्ठापित कला.तियों का आज लोकार्पण किया गया है। वरिष्ठ कलाकार श्रीमती सीमा कोहली, श्री बालन नांबियार एवं श्री काली कंडर डे की तीन कला.तियों को यहाॅ अधिष्ठापित किया गया है। इसकी तस्वीर भी दिखाई गयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना समाहरणालय के भवन का निर्माण का काम शुरु हो गया है ये खुशी की बात है। वर्ष 2017 के 6 फरवरी को निश्चय यात्रा के समय पटना के समाहरणालय में बैठक हुयी थी। उस समय इस समाहरणालय की पूरी बिल्डिंग को देखा था। लोग पहले से ये कहते आ रहे थे कि यह एक ऐतिहासिक बिल्डिंग है। हमलोगों को पुरातत्व विभाग के निदेशक की जांच रिपोर्ट से इसके संबंध में जानकारी मिली की यूरोप के नीदरलैंड की डच ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा यह बिल्डिंग बनायी गयी थी, जहां अफीम और शोरा का भंडारण किया जाता था। वहीं पर पता चला कि बापू पर आधारित रिचर्ड एटनबरो की फिल्म ‘गांधी’ की शूटिंग भी यहां हुई थी।

इन सब बातों से इसके ऐतिहासिक होने का कोई विशेष महत्व नहीं दिखता है। समाहरणालय की क्षतिग्रस्त बिल्डिंग को देखते हुए वर्ष 2010 से ही इसके निर्माण कार्य के लिए हमलोग प्रयासरत थे। बीच में यह मामला कोर्ट में चला गया था। भवन निर्माण विभाग ने जानकारी दी है कि कोर्ट से स्टे खत्म हो गया है और अब इसका निर्माण कार्य शुरु हो रहा है। हमने सुझाव दिया है कि इसमें पुरानी चीजों को भी स्टोर करके रखा जाए ताकि सभी की भावनाओं का सम्मान हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाहरणालय का प्रशासनिक भवन 186 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। इसमें जिलाधिकारी के कार्यालय सहित 39 प्रकार के कार्यालय होंगे। इस परिसर में 4 उद्यान होंगे। 3,484 वर्गमीटर का हरित क्षेत्र होगा। पर्यावरण के दृष्टिकोण से यह अच्छा है। यहां 3 कॉन्फ्रेंस हॉल का भी निर्माण होगा। गंगा किनारे निर्मित होने वाला पटना समाहरणालय काफी सुंदर होगा। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। इसके निर्माण कार्य में पर्यावरण के संरक्षण का भी ध्यान रखा जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगहों पर इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण हो रहा है ये खुशी की बात है। प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण के लक्ष्य के अंतर्गत कई जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है और कई जिलों में निर्माण कार्य चल रहा है। कुछ जिलों में जमीन अधिग्रहण की समस्या को लेकर निर्माण नहीं हो पा रहा था लेकिन अब वहां भी निर्माण कार्य शुरु हो गया है। इसको लेकर आरा एवं समस्तीपुर में भी जगह का चयन हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले वर्ष 2004-05 में भवन निर्माण विभाग का बजट 22 करोड 53 लाख रूपये का था, जो वर्ष 2020-21 में बढ़कर 4,543 करोड़ रुपये हो गया है। विभाग द्वारा वर्ष 2006-07 से वर्ष 2019-20 के बीच 13 हजार 142 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है।

पुलिस भवन निर्माण निगम जो बंद होने की कगार पर था उसको पुनर्जीवित कर उसके माध्यम से कई भवनों का निर्माण कराया गया। कितने थाना भवनों का निर्माण कराया गया। हमने शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अलग से निगम का गठन किया। बिहार शिक्षा आधारभूत संरचना निर्माण निगम लिमिटेड के माध्यम से शिक्षा विभाग की आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इन्फ्रास्ट्रचर कॉरपोरेशन लिमिटेड, आधारभूत संरचना निर्माण के साथ-साथ दवा, उपकरणों की आपूर्ति की जिम्मेवारी भी निभा रहा है। आज कितनी बिल्डिंग्स बन रहे हैं ये देखने की बात है। इन सबकी अपनी विशिष्टता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का पहला अंतर्राष्ट्रीय स्तर का संग्रहालय बिहार संग्रहालय बनाया गया जहां देश एवं देश के बाहर के लोग आकर इसकी विशिष्ठता देखते हैं। पटना म्यूजियम का भी फिर से निर्माण कराया जा रहा है ताकि सभी कला.तियों को ठीक से सुसज्जित ढंग से रखा जा सके। हमारी इच्छा है कि पटना म्यूजियम और बिहार संग्रहालय में अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी होनी चाहिए ताकि दोनों जगह लोग आसानी से जाकर अवलोकन कर सकें। उन्होंने कहा कि सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र का निर्माण कराया गया है जिसमें ज्ञान भवन, 5 हजार की क्षमता वाले बापू सभागार एवं सभ्यता द्वार का निर्माण कराया गया है। यहां सम्राट अशोक की सांकेतिक मूर्ति लगाई गई है। सरदार पटेल भवन में पुलिस मुख्यालय के साथ-साथ आपदा प्रबंधन विभाग का मुख्यालय भी है।

यह भवन 9 रिक्टर स्केल का भूकंप आने पर भी ध्वस्त नहीं होगा। इसके ऊपर हेलिकॉप्टर उतर सकेगा। भूकंप की स्थिति में यहां से सभी चीजों को मॉनिटर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राजगीर में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर भी काफी अच्छे ढंग से बनाया गया है। यहाॅ सभी दलों के लोग अपने कार्यक्रम करते हैं। बिल्डिंग के मेंटेनेंस की पॉलिसी भी हमने बनाई है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम के नाम पर साइंस सिटी का निर्माण पटना में हो रहा है। बोधगया में महाबोधि सांस्.तिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सरकारी भवनों के निर्माण के साथ-साथ दिल्ली में भी बिहार सदन का निर्माण कराया जा रहा है। पहले से दिल्ली में बिहार भवन और बिहार निवास बना हुआ है। दिसंबर 2019 तक बिहार सदन का निर्माण कार्य पूर्ण होना था लेकिन दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा काम पर रोक एवं कोरोना संक्रमण के कारण यह काम समय पर पूर्ण नहीं हो सका लेकिन अब यह अक्टूबर 2020 तक बनकर तैयार हो जायेगा। 78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 10 मंजिले बिहार सदन में 118 कमरे होंगे तथा 200 लोगों की क्षमता का कॉन्फ्रेंस हॉल एवं 200 लोगों की क्षमता का एक्जीविशन एरिया होगा। उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालयों के भवनों के अंतर्गत 51 भवनों में से 36 भवनों का निर्माण पूर्ण हो चुका है और 15 भवनों का निर्माण जारी है।

प्रखंड आई0टी0 केंद्र जो कि नाबार्ड से लोन लेकर बनाया जा रहा है, 96 भवनों में से 71 का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि 7 निश्चय के तहत हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज, जी0एन0एम0 संस्थान, पॉलिटेक्निक संस्थान, महिला आई0टी0आई0 का निर्माण तथा सभी अनुमंडलों में ए0एन0एम0 संस्थान तथा आई0टी0आई0 का निर्माण कराया जा रहा है। इन संस्थानों के निर्माण से हमारे छात्रों को पढ़ने की सुविधा मिलेगी। मेडिकल कॉलेजों का काम कई जगह शुरु हो गया है। अब मजबूरी में किसी को भी बिहार से बाहर पढ़ने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। खेल विकास के अंतर्गत आज खेल भवनों का भी निर्माण कार्य शुरु किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले भवनों के निर्माण के साथ-साथ उसका रखरखाव भी जरुरी है। जो भी भवन बनाये जा रहे हैं उनका मेंटेनेंस हर हाल में हो। हमलोगो ने निर्माण की जो गुणवत्ता निर्धारित की है उसे हर हाल में कायम रखें। जिन विभागों के अंतर्गत ये सब भवन आते हैं उनको साफ-सफाई का ख्याल भी रखना जरुरी है। पर्यावरण के संरक्षण के प्रति भी हमलोग सतर्क हैं। इसे लेकर यूनाईटेड नेशंस की तरफ से खबर आई है। वे पर्यावरण पर बिहार के साथ चर्चा करना चाहते हैं। हमलोग पर्यावरण को लेकर अलर्ट हैं। सभी लोग इसको लेकर सजग रहें। निर्माण कार्य में भी पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखा जाय और बिल्डिंग ऐसी बने जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं हो।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चैधरी, शिक्षा मंत्री .ष्णनंदन प्रसाद वर्मा, भवन निर्माण मंत्री  अशोक चैधरी एवं प्रधान सचिव, भवन निर्माण चंचल कुमार ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव  दीपक कुमार, भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव चंचल कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सूचना एवं जन संपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे, जबकि वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री जय कुमार सिंह, कला, संस्.ति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, सांसदगण, विधायकगण, विधान पार्षदगण, अन्य जन प्रतिनिधि सहित सभी संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, वरीय अधिकारीगण, अभियंतागण एवं गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।

Leave a Reply