पटना, 21 अगस्त 2025। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के शताब्दी समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस अवसर पर मदरसा से जुड़े 15 हजार से अधिक लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2005 से पहले मुस्लिम समुदाय के लिए कोई ठोस कार्य नहीं हुए थे। एनडीए सरकार बनने के बाद कब्रिस्तान घेराबंदी योजना, मदरसा निबंधन एवं मान्यता, शिक्षकों को समान वेतन और छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक योजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट 2004-05 में 3.54 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1080 करोड़ रुपये हो गया है।
सीएम ने कहा कि भागलपुर दंगे की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की गई और पीड़ित परिवारों को मुआवजा एवं पेंशन दी जा रही है। मुस्लिम परित्यक्ता/तलाकशुदा महिलाओं को रोजगार सहायता राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये की गई है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है। राज्य के सभी घरों को बिजली उपलब्ध कराई गई है और घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति यात्रा के बाद 50 हजार करोड़ रुपये की 430 नई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिन पर काम शुरू हो चुका है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, टोपी और मखाने की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, मदरसा बोर्ड अध्यक्ष सलीम परवेज समेत कई गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विभिन्न वक्फ बोर्डों के अध्यक्ष, विधान पार्षद और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


