मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिहार में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण को बताया उत्साहजनक

नई दिल्ली/पटना। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बुधवार को कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाताओं की भागीदारी उत्साहजनक रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक शुद्ध और अद्यतन मतदाता सूची आवश्यक है।

दिल्ली में आयोजित एक संवाद में कुमार ने बताया कि अब तक बिहार में 57 प्रतिशत से अधिक गणना प्रपत्र सफलतापूर्वक एकत्र किए जा चुके हैं, जबकि अभी 16 दिन की प्रक्रिया शेष है। आयोग ने बीएलओ से संवाद कर मतदाता संपर्क अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि “चुनाव आयोग मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा। हमारा उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जाए।”

राजनीतिक आरोपों के बीच आयोग का स्पष्ट रुख

यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर की मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव से पहले यह पुनरीक्षण राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हो सकता है, जबकि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया 22 वर्षों बाद की जा रही है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है।

आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से डुप्लिकेट नाम, मृतक या अपात्र व्यक्तियों को हटाया जाएगा, साथ ही नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, जिससे निष्पक्ष चुनाव की नींव मजबूत हो सके।


 

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर : कैदी की तलाश के दौरान सड़क हादसा, ऑटो चालक की मौत; चौकीदार गंभीर रूप से घायल

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *