
पटना | 27 फरवरी, 2026: बिहार में होली की खुमारी छाने ही वाली थी कि ‘बर्ड फ्लू’ (Avian Influenza) ने दावतों के रंग में भंग डाल दिया है। राजधानी पटना के चितकोहरा इलाके में संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रशासन ने ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है। अगर आप भी इस होली ‘मुर्गा पार्टी’ की प्लानिंग कर रहे थे, तो यह रिपोर्ट आपके लिए पढ़ना बेहद जरूरी है।
1. ग्राउंड जीरो: 6,000 मुर्गियां की गईं दफन
संक्रमण का केंद्र बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पोल्ट्री अनुसंधान केंद्र (चितकोहरा) बना है।
- कार्रवाई: विभाग ने संक्रमण फैलने से रोकने के लिए यहाँ की 6,000 मुर्गियों को मारकर वैज्ञानिक तरीके से दफन कर दिया है।
- इलाका सील: पूरे केंद्र को सैनिटाइज किया गया है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
2. पटना में ‘नो चिकन जोन’ की घोषणा
जिला प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त घेराबंदी की है:
- इंफेक्शन जोन: संक्रमित स्थल के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘इंफेक्शन जोन’ घोषित किया गया है। यहाँ अंडा, मुर्गी और चारा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
- सर्विलांस जोन: 9 किलोमीटर के दायरे को निगरानी में रखा गया है।
- चेक पोस्ट: शास्त्रीनगर और बाईपास थाना पुलिस ने कौशल नगर के पास चेक पोस्ट बनाए हैं ताकि पोल्ट्री का आवागमन रोका जा सके।
3. पटना जू (Sanjay Gandhi Biological Park) में हाई अलर्ट
पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए भी नियम बदल गए हैं:
- दूरी जरूरी: अब आप मोर या अन्य पक्षियों को 8 फुट की दूरी से ही देख पाएंगे।
- सुरक्षा चक्र: जू के गेट पर केमिकल स्प्रे हो रहा है और केज के पास लगातार कीटनाशक छिड़का जा रहा है। कर्मियों के लिए मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।
कौवों की मौत से शुरू हुई थी कहानी
यह खतरा अचानक नहीं आया है। पिछले एक महीने में भागलपुर, कटिहार, पटना और दरभंगा में 400 से अधिक कौवों की रहस्यमयी मौत हुई थी।
- जांच रिपोर्ट: भोपाल स्थित लैब भेजे गए सैंपल्स में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने पोल्ट्री फार्मों पर नजर रखना शुरू किया।
VOB की सेहत सलाह: क्या करें और क्या न करें?
बर्ड फ्लू इंसानों को भी प्रभावित कर सकता है, हालांकि इसके मामले दुर्लभ होते हैं।
- लक्षण: यदि आपको बुखार, खांसी, गले में खराश या सिरदर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
- कुकिंग टिप्स: अगर आप मांस खा रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह 70°C से ऊपर पूरी तरह पका हुआ हो। कच्चा या आधा पका अंडा/मांस जानलेवा हो सकता है।
- संपर्क से बचें: मृत या बीमार पक्षियों के पास न जाएं और मास्क का उपयोग करें।
VOB का नजरिया: सुरक्षा ही सबसे बड़ा उत्सव है
होली साल में एक बार आती है, लेकिन जान अनमोल है। पटना प्रशासन ने अगले दो महीने तक मुर्गी पालन पर रोक लगाकर कड़ा कदम उठाया है। इस बार दावत में ‘चिकन’ की जगह बिहार की खास दही-चूड़ा और मालपुआ का आनंद लें। सावधानी ही आपको और आपके परिवार को इस संक्रमण से बचा सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


