बेऊर जेल से बाहर आए ‘छोटे सरकार’! मोकामा में जश्न, पटना में ‘महाभोज’; बाहुबली अनंत सिंह की रिहाई से बिहार की सियासत में ‘भूचाल’

HIGHLIGHTS: बाहुबली विधायक की ‘ग्रैंड’ वापसी; जेल के बाहर गूँजा “अनंत सिंह जिंदाबाद”, कल मोकामा में निकलेगा ‘शक्ति प्रदर्शन’ रोड शो

  • बड़ी खबर: मोकामा के जेडीयू (JDU) विधायक अनंत सिंह सोमवार शाम पटना की बेऊर जेल से रिहा हुए।
  • नारेबाजी: जेल के गेट से बाहर निकलते ही समर्थकों ने “छोटे सरकार जिंदाबाद” के नारों से आसमान सिर पर उठा लिया।
  • भोज की तैयारी: पटना आवास पर हजारों कार्यकर्ताओं के लिए ‘महाभोज’ का आयोजन; कई कारीगरों ने तैयार किया खाना।
  • कल का प्लान: 24 मार्च (मंगलवार) को पटना से बढ़ईया तक भव्य रोड शो; महारानी स्थान में करेंगे विशेष पूजा।
  • रिकॉर्ड जीत: जेल में रहते हुए ही जेडीयू के टिकट पर पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को चुनाव में हराया।
  • VOB इनसाइट: पत्नी नीलम देवी के पाला बदलने और खुद जेल से जीतने के बाद अनंत सिंह का सियासी रसूख अब नए चरम पर।

पटना | 23 मार्च, 2026

​बिहार की राजनीति के सबसे चर्चित ‘बाहुबली’ और मोकामा के विधायक अनंत सिंह उर्फ ‘छोटे सरकार’ करीब 5 महीने बाद जेल की सलाखों से बाहर आ गए हैं। सोमवार की शाम जैसे ही बेऊर जेल का भारी दरवाजा खुला और सफेद कुर्ता-पायजामा में अनंत सिंह बाहर निकले, वहां मौजूद हजारों समर्थकों का सैलाब बेकाबू हो गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, विधायक की रिहाई केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि मोकामा और टाल क्षेत्र के लिए एक बड़े उत्सव में बदल गई है।

जेल से सीधे ‘जनता’ के बीच: पटना में आज सजेगी दावत

​अनंत सिंह जेल से निकलते ही सीधे अपनी गाड़ी में सवार होकर पटना स्थित आवास के लिए रवाना हो गए। वहां उनके इंतजार में दोपहर से ही हजारों कार्यकर्ता फूलों की माला लेकर खड़े थे। विधायक के पटना आवास पर आज ‘महाभोज’ का आयोजन किया गया है, जहाँ हजारों लोगों के रुकने और खाने की व्यवस्था है। समर्थकों का कहना है कि ‘छोटे सरकार’ की घर वापसी का उन्हें बेसब्री से इंतजार था।

VOB डेटा चार्ट: अनंत सिंह की रिहाई और आगे का ‘एक्शन प्लान’

  • रिहाई की तिथि: 23 मार्च, 2026 (सोमवार शाम)।
  • रिहाई स्थल: बेऊर केंद्रीय कारागार, पटना।
  • कल का कार्यक्रम (24 मार्च): पटना से नदमा (मोकामा) के लिए प्रस्थान; रास्ते में भव्य रोड शो।
  • धार्मिक अनुष्ठान: बड़हिया के प्रसिद्ध ‘महारानी स्थान’ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना।
  • गिरफ्तारी की वजह: 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव हत्याकांड (जमानत पर रिहा)।
  • चुनावी जीत: जेल में रहते हुए जेडीयू (JDU) के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता।

सियासी दांव: “पत्नी नहीं संभाल पाईं काम, अब खुद संभालूँगा मोकामा”

​अनंत सिंह की रिहाई बिहार की राजनीति में कई समीकरण बदल सकती है। गौरतलब है कि उनकी पत्नी नीलम देवी पहले आरजेडी से विधायक थीं, लेकिन 2024 में उन्होंने पाला बदलकर एनडीए (नीतीश कुमार) का साथ दिया था।

​जेल जाने से पहले अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनकी पत्नी जनता के काम को ठीक से नहीं संभाल पाईं, इसलिए 2025 का चुनाव (जो हाल ही में संपन्न हुआ) वे खुद लड़ेंगे। जेल में रहते हुए उन्होंने न केवल चुनाव लड़ा, बल्कि बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को पटखनी देकर यह साबित कर दिया कि मोकामा में आज भी उनका ‘सिक्का’ चलता है।

VOB का नजरिया: क्या ‘छोटे सरकार’ बदलेंगे 2026 की राजनीति?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि अनंत सिंह की रिहाई से जेडीयू को मोकामा और आसपास के टाल क्षेत्रों में जबरदस्त मजबूती मिलेगी।

  1. मजबूत पकड़: जेल में रहकर जीतना यह दर्शाता है कि उनका जमीनी नेटवर्क अभी भी अटूट है।
  2. टाल की राजनीति: दुलारचंद यादव जैसे पुराने दबंगों के समर्थकों और जन सुराज पार्टी के उदय के बीच अनंत सिंह की वापसी एनडीए के लिए ‘ट्रंप कार्ड’ साबित हो सकती है।
  3. रोड शो का संदेश: कल का रोड शो केवल गांव वापसी नहीं, बल्कि विरोधियों के लिए एक खुला ‘शक्ति प्रदर्शन’ होगा।

निष्कर्ष: सुशासन में ‘बाहुबल’ का नया अध्याय

​फिलहाल पटना आवास पर उत्सव का माहौल है। कल मंगलवार को पटना से बड़हिया तक की सड़कें ‘छोटे सरकार’ के समर्थकों से पटने वाली हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस भव्य रोड शो और अनंत सिंह के अगले राजनीतिक कदमों की हर अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा।

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