स्कूल में सरस्वती पूजा नहीं मनाने पर बवाल, शिक्षकों को बंधक बनाकर गेट में लगाया ताला

बसंत पंचमी के अवसर पर जहां देशभर में मां सरस्वती की पूजा धूमधाम के साथ की गयी। हर स्कूल, कोचिंग और कॉलेजों में बच्चों ने पूरी श्रद्धाभक्ति के साथ विद्या की देवी सरस्वती की अराधना की वही बिहार में एक ऐसा स्कूल भी है जहां आज तक कभी सरस्वती की पूजा नहीं मनाई गयी। इस बार भी बसंत पंचमी के मौके पर सरकारी स्कूल में मां शारदे की पूजा नहीं की गयी। जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे काफी नाराज हैं।

सरस्वती पूजा के अगले दिन बच्चे स्कूल पहुंचे और मेन गेट में ताला लगा दिया और जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान स्कूल में मौजूद शिक्षकों को बच्चों ने बंधक बना लिया। बच्चे शिक्षकों से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर उनके स्कूल में मां सरस्वती की पूजा क्यों नहीं की जाती है। किसी साल भी यहां सरस्वती पूजा नहीं होता है। दरअसल विरोध प्रदर्शन कर रहे ये बच्चे बेतिया के नरकटियागंज प्रखंड के केसरिया पंचायत स्थित प्लस टू माध्यमिक विद्यालय केसरिया में पढ़ते हैं। शिक्षकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए छात्रों ने स्कूल में ताला जड़ दिया।

छात्रों और उनके अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज सागर मनमानी करते हैं। विद्यालय में सरस्वती पूजा नहीं मनायी जाती है। एमडीएम (मिड डे मिल) भी मीनू के हिसाब से यहां नहीं बनता। आपार कार्ड बनवाने और टाई बेल्ट के लिए 100 रुपया लिया गया है। इन्ही बातों से गुस्साएं बच्चों ने शिक्षक और शिक्षिकाओं को स्कूल में घुसने नहीं दिया। सभी को बंधक बनाए रखा। सूचना मिलने पर पहुंची शिकारपुर थाने की पुलिस ने आक्रोशित बच्चों को समझाने की कोशिश की लेकन बच्चे और उनके अभिभावक कार्रवाई की जिद्द पर अड़े रहे। छात्र-छात्राओं ने स्कूल का ताला खोलने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस बच्चों और अभिभावकों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं और शिक्षकों और प्रधानाचार्य से भी बात कर रहे हैं।

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