भोजपुर: भोजपुर जिले के बहोरनपुर थाना क्षेत्र के गौरा वार्ड संख्या चार में अखिलेश ठाकुर को गोली मारने की घटना ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों को कथित तौर पर छोड़ देने की खबर फैलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बहोरनपुर थाने का घेराव कर दिया और सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की। इस दौरान लोगों ने कई घंटे तक सड़क जाम कर आवागमन बाधित रखा।
आरोपियों की रिहाई की खबर से भड़के ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, गौरा गांव निवासी अखिलेश ठाकुर (पिता- श्रीराम ठाकुर) को गोली मारने की घटना के बाद इलाके में पहले से ही तनाव था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिससे ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी थी।
लेकिन जैसे ही यह खबर फैली कि पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया है, ग्रामीण उग्र हो गए और थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस पर अपराधियों को बचाने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर अपराधियों को संरक्षण दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जानलेवा हमले जैसे गंभीर मामले में आरोपियों को बिना कड़ी कार्रवाई के छोड़ना अपराधियों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम है।
भीड़ का नेतृत्व कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) को कमजोर बनाया गया है ताकि आरोपियों को कानूनी लाभ मिल सके।
थाने के बाहर घंटों तक नारेबाजी
गुस्साए ग्रामीणों ने थाने के मुख्य द्वार पर जमकर नारेबाजी की और न्याय की मांग करते रहे। इस दौरान सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में यातायात घंटों बाधित रहा।
अधिकारियों के हस्तक्षेप से शांत हुआ मामला
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
काफी समझाने-बुझाने और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सड़क जाम हटाया जा सका।
तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में स्थिति
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की दोबारा गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करेंगे।


