
पटना | 28 जुलाई 2025 | पारस एचएमआरआई अस्पताल में बंद सजायाफ्ता अपराधी चंदन मिश्रा की हत्या की गुत्थी सुलझने के करीब है। एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि हत्या की साजिश पश्चिम बंगाल की जेल में बंद कुख्यात अपराधी शेरू सिंह ने रची थी। गैंगवॉर में तीन अलग-अलग गिरोहों ने मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया।
निशु खान के घर में बनी थी साजिश, शेरू ने की थी डील
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंदन मिश्रा की हत्या की योजना निशु खान के घर में बनाई गई थी, लेकिन इसकी मुख्य डील जेल में बंद शेरू सिंह द्वारा की गई थी। शेरू और चंदन कभी एक ही गिरोह में सक्रिय थे, लेकिन गिरोह में वर्चस्व की लड़ाई ने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया। चंदन को खत्म करने का मकसद गिरोह पर पूरी पकड़ बनाना था।
तीन गिरोह, पाँच शूटर, दस पिस्टल और 35 सेकेंड की हत्या
- साजिश में शामिल तीनों गिरोहों की अलग-अलग भूमिकाएँ थीं—सूचना जुटाना, शूटरों की व्यवस्था, हथियार और वाहन की सप्लाई।
- पाँच शूटर हायर किए गए थे, जिन्हें पूरी तैयारी के साथ अस्पताल में भेजा गया।
- शूटरों के पास दस पिस्टल और भारी मात्रा में गोलियां थीं।
- सिर्फ 35 सेकेंड में हत्या की पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।
हथियार तस्करों और वाहन चोर गिरोह से मिली मदद
हथियार और बाइक की आपूर्ति के लिए गिरोह ने हथियार तस्करों और वाहन चोरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। घटना में प्रयुक्त दो बाइकें बरामद की जा चुकी हैं, लेकिन हत्या में प्रयुक्त पिस्टल अभी बरामद नहीं हुई हैं।
गिरफ्तार आरोपी और पूछताछ की तैयारी
अब तक गिरफ्तार अपराधियों में शामिल हैं:
- शूटर तौसीफ रजा, उसका चचेरा भाई निशु खान, साथी हर्ष और भीम।
- भोजपुर (बिहिया) में हुई मुठभेड़ के बाद बलवंत सिंह, रविरंजन और अभिषेक को भी पकड़ा गया है।
पुलिस सभी गिरफ्तार शूटरों को रिमांड पर लेने की योजना बना रही है ताकि हत्या की और गहराई से परतें खोली जा सकें।
शेरू सिंह की भूमिका सबसे बड़ी पहेली
मुख्य साजिशकर्ता माने जा रहे शेरू सिंह से पूछताछ अब प्राथमिकता में है। सवाल यह है कि क्या यह हत्या गैंग वर्चस्व की लड़ाई थी या इसके पीछे बड़ा आर्थिक लेन-देन या राजनीतिक संरक्षण भी शामिल था? पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अब भी फरार हैं दो शूटर और पांच अन्य आरोपी
जांच एजेंसियाँ अब भी दो अन्य शूटरों और पांच अपराधियों की तलाश में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज में सभी हमलावरों के हाथ में पिस्तौल साफ दिखाई दे रही है। पुलिस अब उन व्यक्तियों को ट्रैक कर रही है जिन्होंने शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए और घटना के बाद उन्हें छिपाया।
यह मामला बिहार में बढ़ते गैंगवार और संगठित अपराध के खतरनाक जाल की ओर इशारा करता है। पुलिस की आगे की जांच से कई और चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।


