द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (18 फरवरी 2026)
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों (Block Offices) की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने और दलालों के हस्तक्षेप को खत्म करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी 537 अंचल कार्यालयों को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से लैस करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके लिए सरकार ने 6.71 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि भी आवंटित कर दी है।
कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: पटना से होगी ‘लाइव’ निगरानी
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत इसका निगरानी तंत्र है।
- मुख्यालय से मॉनिटरिंग: अंचलों में लगने वाले कैमरों की सीधी फीड पटना स्थित विभाग के मुख्यालय में बने अत्याधुनिक ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ को मिलेगी।
- सीधा एक्शन: अब किसी भी अंचल कार्यालय में होने वाली गड़बड़ी, अनावश्यक देरी या फाइलों के साथ छेड़छाड़ को पटना में बैठे अधिकारी लाइव देख सकेंगे। इससे कर्मचारियों की समयबद्धता और कार्यक्षमता पर भी नजर रहेगी।
अंचल कार्यालयों के लिए बजट और डेडलाइन
- प्रति अंचल आवंटन: प्रत्येक अंचल कार्यालय को सीसीटीवी कैमरों की खरीद और सेटअप के लिए 1.25 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
- समय सीमा: विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि इस कार्य को इसी वित्तीय वर्ष (2025-26) के भीतर, यानी 31 मार्च तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
- जवाबदेही: सीसीटीवी के उपकरणों की गुणवत्ता और समय पर इंस्टॉलेशन की पूरी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों पर तय की गई है।
थाने नहीं, अब अंचलों में होगा भूमि विवादों का समाधान
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जमीन से जुड़ी समस्याओं की सुनवाई के लिए जनता को अब थानों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
- अंचल स्तर पर सुनवाई: चूंकि राजस्व दस्तावेज, अमीन और कर्मचारी अंचलों में होते हैं, इसलिए समस्याओं का निपटारा वहीं किया जाएगा।
- पारदर्शिता: अंचलों में होने वाली सुनवाई के दौरान थाना प्रभारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी की निगरानी में होगी ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।
निशाने पर ‘दलाल’ और ‘भ्रष्ट कर्मी’
अंचल कार्यालयों में कैमरों के लगने से सबसे बड़ा झटका उन दलालों को लगेगा जो फाइलों की आवाजाही को प्रभावित करते हैं। उपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विभाग की छवि सुधारना और जनता का विश्वास जीतना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस डिजिटल प्रहार के बाद अंचल स्तर पर होने वाली गड़बड़ियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
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