ओडिशा BJD विधायक देबी प्रसाद मिश्रा के घर पर CBI की छापेमारी

ओडिशा के पूर्व पर्यटन मंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के विधायक देबी प्रसाद मिश्रा के घर पर सीबीआई ने छापा मारा है। वहीं इसके बाद, शुक्रवार को बीजद ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। सत्तारूढ़ पार्टी ने केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा मारे गये छापे की टाइमिंग पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि ये आखिर चुनाव से पहले ही क्यों होता है?

बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा, “सीबीआई पिछले सात वर्षों से ओडिशा में मामलों की जांच कर रही है। एक पैटर्न यह देखा जाता है कि सीबीआई उपचुनाव, आम चुनाव और पंचायत चुनाव से ठीक पहले तलाशी, छापे और नोटिस जारी करना शुरू कर देती है।” उन्होंने कहा, “ओडिशा के लोग सोच रहे हैं कि किसी भी चुनाव से ठीक पहले ऐसी चीजें क्यों होती हैं।”

CBI ने 8 ठिकानों की ली तलाशी

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को सीबीआई ने सत्तारूढ़ पार्टी बीजद के विधायक देबी प्रसाद मिश्रा के आवास समेत 8 ठिकानों पर छापा मारा। सीबीआई द्वारा ये कार्रवाई कथित रूप से सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज की संलिप्तता वाले करीब 1 हजार करोड़ रुपये के पोंजी घोटाले की जांच के सिलसिले में की गयी है। भुवनेश्वर स्थित मिश्रा के सरकारी आवास के अलावा सीबीआई की टीमों ने कटक स्थित उनके घर पर भी छापा मारा। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने उनके भाई बिष्णु प्रसाद मिश्रा और पूर्व पर्यटन निदेशक रबी नारायण नंदा के ठिकानों पर भी तलाशी ली।

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने सीशोर ग्रुप ऑफ कंपनीज के खिलाफ सभी 23 मामलों को लेकर एफआईआर दर्ज की है। जांच एजेंसी ने घोटाले के संबध में कई आरोप पत्र भी दाखिल किए हैं। वहीं उन्होंने बताया कि ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेसानुसार की गयी है।

बता दें कि देबी प्रसाद मिश्रा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अगुवाई वाली बीजद के उपाध्यक्ष भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मिश्रा तब विवादों के घेरे में आ गये जब उन्होंने पर्यटन मंत्री रहते हुए सीशोर ग्रुप को महानदी बोटिंग परियोजना की जिम्मेदारी सौंप दी।

सीबीआई के छापों पर मिश्रा ने दी प्रतिक्रिया

कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में रह रहे मिश्रा ने सीबीआई के छापों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कोई ‘छापा नहीं था’ बल्कि अधिकारियों को ‘सिर्फ़ कुछ दस्तावेज़ चाहिए थे।’ पूर्व मंत्री ने कहा  “उन्होंने मुझसे परियोजना के दस्तावेज़ों के बारे में पूछा और मैंने उन्हें बताया कि वे विभाग में हैं न कि मेरे पास। नाव पर्यटन परियोजना को तत्कालीन सरकार द्वारा मंजूरी दी गयी थी न कि एक व्यक्ति के रूप में मेरे द्वारा।”

मिश्रा वर्तमान में कटक जिले के बडम्बा से विधायक है। उन्होंने कहा कि वो सीबीआई जांच का सहयोग कर रहे हैं।

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