पटना / औरंगाबाद / जहानाबाद: विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने रविवार सुबह औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आज़ाद के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। उन पर आय से लगभग 1.58 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है। इसी मामले में यह कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी अभियान सुबह से जारी है और निगरानी विभाग तीन जिलों — पटना, औरंगाबाद और जहानाबाद — में एक साथ तलाशी ले रहा है।
पटना के शिवपुरी आवास पर सघन तलाशी
प्राप्त जानकारी के अनुसार छापेमारी का केंद्र पटना के शिवपुरी स्थित आवास है, जहां निगरानी विभाग की टीम घर के हर सेक्शन की जांच कर रही है।
तलाशी के दौरान
- दस्तावेज
- बैंक खातों के विवरण
- अचल संपत्ति से संबंधित कागजात
- आय के स्रोत
को खंगाला जा रहा है।
कार्रवाई कैसे आगे बढ़ रही है
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि
छापेमारी में जो सबूत मिलेंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
अधिकारियों की टीम घर से संदिग्ध आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड को खंगालने पर विशेष फोकस कर रही है।
पूरा ऑपरेशन DSP सुधीर की निगरानी में चल रहा है।
औरंगाबाद और जहानाबाद में भी दबिश
SVU की टीम ने
- औरंगाबाद में उत्पाद अधीक्षक के सरकारी आवास व निजी ठिकाने
- जहानाबाद में स्वजनों/परिचितों से जुड़े स्थानों
पर भी तलाशी की कार्रवाई अलग-अलग टीमों के माध्यम से की है।
सूत्रों का कहना है कि अनिल कुमार आजाद की संपत्तियों, निवेश और बैंक खातों से जुड़े सुरागों की तलाश की जा रही है।
संभावित आरोप
प्रारंभिक जांच में अनिल कुमार पर
- सरकारी सेवा के दौरान संदिग्ध तरीके से संपत्ति अर्जित करने
- आय से कई गुना अधिक चल–अचल संपत्ति जुटाने
का आरोप है।
निगरानी विभाग का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर 1.58 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति संदिग्ध पाई गई है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
निगरानी विभाग की कार्रवाई पूरी होने के बाद
- जब्त दस्तावेजों की जांच
- बैंक लेनदेन की फॉरेंसिक ऑडिट
- और संदिग्ध संपत्ति मूल्यांकन
किया जाएगा।
इसके बाद इस मामले में FIR, गिरफ्तारी या अभियोजन जैसे कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।


