बिहार विधानसभा घेराव के दौरान निषेधाज्ञा उल्लंघन, पुलिस से झड़प का आरोप
पटना, 25 जुलाई 2025 — बिहार विधानसभा के घेराव के दौरान हुए बवाल को लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर समेत 9 नामजद और 2,000 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सचिवालय थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
यह मामला बुधवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की, निषेधाज्ञा का उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोपों को लेकर दर्ज किया गया है।
दंडाधिकारी के बयान पर मामला दर्ज
प्राथमिकी सदर अंचल के मुख्य सहकारिता प्रसार पदाधिकारी संजय कुमार मिश्रा के आवेदन पर दर्ज की गई है, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था। आवेदन में आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी के बावजूद आगे बढ़कर पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और कई स्थानों पर कानून-व्यवस्था को बाधित किया।
प्रदर्शन में उमड़ी थी बड़ी भीड़
जनसुराज अभियान के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। पार्टी की ओर से इसे जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक दबाव बनाने का प्रयास बताया गया था, जबकि प्रशासन ने इसे कानूनी सीमाओं का उल्लंघन करार दिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल प्रशांत किशोर की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन जनसुराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है।


