2030 तक पीरपैंती में शुरू होगा थर्मल पावर प्लांट-2.4 गीगावाट क्षमता से बिहार बनेगा बिजली में आत्मनिर्भर

भागलपुर।बिहार के लिए बिजली क्षेत्र में बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। राज्य के वित्त मंत्री ने विधानसभा में घोषणा की है कि पीरपैंती (भागलपुर) में बन रहा थर्मल पावर स्टेशन वर्ष 2029-30 तक पूरा कर लिया जाएगा, यानी 2030 से यहां बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा।

यह प्लांट निजी क्षेत्र की कंपनी द्वारा विकसित किया जा रहा है।


3 यूनिट, 800-800 मेगावाट की क्षमता

पीरपैंती में बनने वाला यह थर्मल प्लांट 3×800 मेगावाट, यानी कुल 2400 मेगावाट (2.4 गीगावाट) क्षमता का होगा। यह अल्ट्रा सुपर-क्रिटिकल तकनीक पर आधारित कोयला चालित पावर स्टेशन होगा, जो कम ईंधन में अधिक बिजली पैदा करता है और प्रदूषण भी अपेक्षाकृत कम करता है।


जमीन, पानी और कोयला—तीनों की सुविधा पास में

सरकार ने बताया कि इस परियोजना के लिए

  • पर्याप्त भूमि,
  • पानी की उपलब्धता,
  • और पास में स्थित राजमहल कोयला खदान
    बड़ी ताकत है। इन्हीं कारणों से यहां अत्याधुनिक तकनीक के साथ यह प्लांट लगाया जा रहा है।

अब बाहर से महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी

इस थर्मल पावर स्टेशन के शुरू होने के बाद बिहार को भविष्य में अन्य राज्यों या निजी कंपनियों से महंगी दरों पर बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी।
राज्य सरकार और अदाणी पावर के बीच भविष्य की बिजली दरों पर पहले ही समझौता हो चुका है, जिससे बिजली आपूर्ति में स्थिरता रहेगी और कंपनी को भी खरीदार की चिंता नहीं होगी।


ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम

पीरपैंती का यह प्रोजेक्ट बिहार को

  • ऊर्जा सुरक्षा,
  • औद्योगिक विकास,
  • और निवेश के नए अवसर
    देने वाला माना जा रहा है। इससे भागलपुर और आसपास के जिलों में रोजगार भी बढ़ेगा।

2030 तक पीरपैंती थर्मल पावर स्टेशन का चालू होना बिहार के लिए ऊर्जा क्रांति की शुरुआत मानी जा रही है, जो राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाएगा।

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