बक्सर/डुमरांव | 28 फरवरी, 2026: बक्सर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। करीब ढाई साल से फरार चल रहे और 50 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी धुरान यादव उर्फ जयप्रकाश यादव को बक्सर पुलिस की विशेष टीम ने छत्तीसगढ़ से दबोच लिया है। यह अपराधी साल 2023 में हुए एक चर्चित हत्याकांड का मुख्य आरोपी है, जो पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
खून से रंगा था ‘जमीनी विवाद’: क्या था मामला?
यह पूरी वारदात बक्सर के तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र की है। घटना की पृष्ठभूमि आपसी जमीन विवाद से जुड़ी थी:
- तारीख: 07 जून 2023 (कांड संख्या 187/23)。
- वारदात: तवकल राय के डेरा निवासी रामबचन यादव और उनके भाई प्रदीप कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था。
- दुखद अंत: गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान रामबचन यादव की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद मामले में हत्या की धारा (302 भा.द.वि.) जोड़ी गई。
छत्तीसगढ़ में ‘लोकेशन’ और बक्सर पुलिस का छापा
एसपी बक्सर के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) डुमरांव, श्री पोलस्त कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी:
- तकनीकी निगरानी: पुलिस की डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी का पीछा कर रही थी。
- फरारी का खेल: आरोपी धुरान यादव गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में छिप रहा था। अंततः उसकी सटीक लोकेशन छत्तीसगढ़ में मिली。
- सफल गिरफ्तारी: 27 फरवरी को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया。
गिरफ्तार आरोपी का प्रोफाइल
- नाम: धुरान यादव उर्फ जयप्रकाश यादव (पिता: रामअवतार यादव)。
- पता: तवकल राय के डेरा, थाना-तिलक राय का हाता, जिला-बक्सर。
- अपराधिक इतिहास: तिलक राय के हाता थाना कांड संख्या 187/23 (हत्या, मारपीट और दंगा)。
टीम ‘डुमरांव’ के ये रहे जांबाज
इस सफल ऑपरेशन में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों की अहम भूमिका रही:
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- श्री पोलस्त कुमार (SDPO, डुमरांव)。
- पु.नि. सुधीर कुमार एवं पु.अ.नि. मंगलेश कुमार मधुकर (DIU, बक्सर)。
- पु.अ.नि. चंदन कुमार-1 (DIU) और स.अ.नि. राजू कुमार (तिलक राय के हाता थाना)。
VOB का नजरिया: कानून के हाथ लंबे होते हैं
बक्सर पुलिस की यह कार्रवाई उन अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है जो अपराध कर दूसरे राज्यों में छिपने को सुरक्षित समझते हैं। ₹50,000 का इनाम घोषित होना ही अपराधी की संगीनता को दर्शाता है। बिहार में ‘जमीनी विवाद’ अक्सर खूनी संघर्ष में बदल जाते हैं; ऐसे में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न केवल पीड़ित परिवार को न्याय दिलाती है, बल्कि क्षेत्र में पुलिस के इकबाल को भी मजबूत करती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


