
बजट में बड़ा ऐलान, 100 पंचायतों में एफपीओ से जुड़े किसान
पटना/भागलपुर।बिहार बजट 2026-27 में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए किसान उत्पादक संगठन (FPO) को बड़ा आधार बनाया गया है। इसका सीधा फायदा भागलपुर और कटिहार जैसे जिलों को मिलने जा रहा है।
वित्त मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि आने वाले समय में भागलपुर में बटन मशरूम और कटिहार में मखाना का व्यापार बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा।
100 पंचायतों में बने किसान उत्पादक संगठन
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के सहयोग से
राज्य के 21 जिलों की 100 पंचायतों में किसान उत्पादक संगठन (FPO) का गठन किया है।
इन संगठनों का उद्देश्य है—
- किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना
- बाजार से सीधा जुड़ाव (मार्केट लिंकेज)
- बीज, खाद और तकनीकी सहायता जैसे कृषि इनपुट की आसान उपलब्धता
15 क्लस्टर बेस्ड बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन भी बने
एफपीओ को मजबूत करने के लिए सहकारी बैंक के स्तर पर
15 क्लस्टर बेस्ड बिजनेस ऑर्गेनाइजेशन (CBBO) भी बनाए गए हैं, जो किसानों को व्यवसायिक प्रशिक्षण, मार्केटिंग और प्रोसेसिंग में सहयोग करेंगे।
भागलपुर में बटन मशरूम का कारोबार शुरू
एफपीओ के माध्यम से—
- भागलपुर में बटन मशरूम उत्पादन और विपणन शुरू किया गया है।
- इससे स्थानीय किसानों को नया विकल्प और अतिरिक्त आमदनी का मौका मिलेगा।
कटिहार में मखाना से बदलेगी तस्वीर
कटिहार जिले के दक्षिणी भंडारतल एफपीओ द्वारा
मखाना आधारित उत्पादन इकाई की शुरुआत कर दी गई है।
यह पहल मखाना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगी।
किसानों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि एफपीओ मॉडल से—
- छोटे किसानों की सामूहिक ताकत बढ़ेगी
- दलालों पर निर्भरता घटेगी
- और खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकेगा।
निष्कर्ष:
बजट में किए गए इन प्रावधानों से
भागलपुर का बटन मशरूम और कटिहार का मखाना, अब पहचान और कमाई दोनों दिलाएगा।


