पूर्णिया में बस चालक की सरेआम चाकू मारकर हत्या! घर लौटते समय नकाबपोश बदमाशों ने पेट में घोंपा खंजर; दो शादियां और पारिवारिक विवाद बनी मौत की वजह?

समाचार के मुख्य बिंदु: मरंगा थाना क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात

  • दुखद घटना: पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र अंतर्गत मिल्की वार्ड नंबर 10 में बुधवार की देर शाम एक 25 वर्षीय बस चालक की नृशंस हत्या कर दी गई।
  • मृतक की पहचान: मृतक की पहचान रूपौली थाना के मतैली गांव निवासी युगेश यादव (पिता का नाम अप्राप्त) के रूप में हुई है।
  • वारदात का तरीका: घर लौटते समय एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने युवक के पेट में चाकू घोंप दिया और फरार हो गए।
  • संदिग्ध कारण: शुरुआती जांच में मामला दो पत्नियों और पारिवारिक विवाद से जुड़ा नजर आ रहा है; पहली पत्नी से मृतक का लंबे समय से विवाद चल रहा था।
  • पुलिसिया कार्रवाई: एसडीपीओ सदर-1 ज्योति शंकर के नेतृत्व में जांच शुरू; डॉग स्क्वॉड की टीम ने घटनास्थल से जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य।
  • VOB इनसाइट: व्यस्त रिहायशी इलाके में इस तरह की वारदात अपराधियों के बेखौफ होने और समाज में बढ़ते पारिवारिक तनाव के घातक परिणामों को दर्शाती है।

पूर्णिया | 26 मार्च, 2026

​पूर्णिया जिले में अपराध की एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सुरक्षा व्यवस्था और पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार की देर शाम जब लोग अपने घरों में आराम की तैयारी कर रहे थे, तभी मरंगा थाना क्षेत्र के मिल्की वार्ड नंबर 10 में एक युवक की चीख ने सन्नाटा तोड़ दिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, रूपौली-पूर्णिया रूट पर बस चलाने वाले 25 वर्षीय चालक युगेश यादव की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है।

काम से घर लौट रहा था युगेश: नकाबपोशों ने घात लगाकर किया हमला

​युगेश यादव हर रोज की तरह पूर्णिया बस स्टैंड में अपनी बस खड़ी कर पैदल ही मिल्की स्थित अपने किराए के आवास की ओर जा रहा था। वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर पहुँचा था कि अचानक एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश वहां पहुँचे। इससे पहले कि युगेश कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उसके पेट में धारदार चाकू से जोरदार हमला कर दिया।

​हमले के बाद युगेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उसे आनन-फानन में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH), पूर्णिया ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान घाव गहरा होने और अधिक खून बह जाने के कारण उसकी मौत हो गई।

दो पत्नियों का पेंच: क्या पारिवारिक रंजिश बनी काल?

​मृतक की दूसरी पत्नी पूजा देवी ने पुलिस को दिए अपने बयान में कुछ अहम सुराग दिए हैं। पूजा के अनुसार, युगेश ने दो शादियां की थीं। उसकी पहली पत्नी के साथ पिछले काफी समय से गहरा विवाद चल रहा था।

विवाद के मुख्य बिंदु:

  • पारिवारिक कलह: युगेश और उसकी पहली पत्नी के बीच अनबन इतनी बढ़ गई थी कि मामला कानूनी या सामाजिक पंचायत तक पहुँच चुका था।
  • नियोजित हत्या की आशंका: परिजनों का मानना है कि दो नकाबपोश बदमाशों का अचानक हमला करना और सीधे पेट में वार करना यह दर्शाता है कि हत्या की साजिश पहले से रची गई थी और बदमाशों को युगेश के आने-जाने के समय की सटीक जानकारी थी।

पुलिस की तफ्तीश: डॉग स्क्वॉड और तकनीकी साक्ष्य

​वारदात की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ ज्योति शंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल और आसपास के रास्तों का निरीक्षण किया ताकि हमलावरों के भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।

​एसडीपीओ ज्योति शंकर ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर गौर कर रही है। परिजनों से विस्तृत बयान लिए जा रहे हैं और आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

VOB का नजरिया: सुरक्षित नहीं हैं परिवहनकर्मी?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत हत्या नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल है।

  1. सड़क सुरक्षा और प्राइवेसी: एक बस चालक जो दिन भर सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित पहुँचाता है, वह अपने घर के पास ही असुरक्षित है। अंधेरे रास्तों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की सख्त आवश्यकता है।
  2. पारिवारिक परामर्श की कमी: बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बहु-विवाह और घरेलू विवाद अक्सर हिंसक रूप ले लेते हैं। सामाजिक स्तर पर काउंसलिंग और कानूनी जागरूकता की कमी साफ झलकती है।
  3. नकाबपोश संस्कृति: बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा वारदातों को अंजाम देना पूर्णिया और आसपास के जिलों में एक ट्रेंड बन गया है, जिसे रोकने के लिए ‘चेकिंग अभियान’ को और कड़ा करना होगा।

सुशासन और इंसाफ की प्रतीक्षा

​25 साल के युगेश की मौत ने उसके परिवार को उजाड़ दिया है। अब गेंद पूर्णिया पुलिस के पाले में है कि वह कितनी जल्दी इस ‘पहेली’ को सुलझाती है और हत्यारों तक पहुँचती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस हत्याकांड की जांच रिपोर्ट और आरोपियों की गिरफ्तारी की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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