नई दिल्ली।केंद्रीय बजट 2026-27 में शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा देने वाला बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी। ये टाउनशिप प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास बनाई जाएंगी, ताकि इंडस्ट्री, रोजगार और शिक्षा के बीच सीधा जुड़ाव हो सके।
सरकार का मानना है कि इससे छात्र सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पढ़ाई के दौरान ही उन्हें रोजगार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे।
राज्य सरकारों के साथ मिलकर होगा विकास
केंद्र सरकार इन यूनिवर्सिटी टाउनशिप को विकसित करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करेगी।
इन टाउनशिप में होंगे:
- आधुनिक विश्वविद्यालय परिसर
- रिसर्च सेंटर और इनोवेशन हब
- हाईटेक लैब
- स्किल डेवलपमेंट सेंटर
- स्टार्ट-अप सपोर्ट सिस्टम
छात्रों के लिए बड़े रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स भी बनाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वालों को रहने की परेशानी न हो।
डिग्री नहीं, इंडस्ट्री-रेडी युवा तैयार करने पर फोकस
इन टाउनशिप का उद्देश्य केवल पढ़ाई कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपीरियंस देना है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ स्किल ट्रेनिंग अनिवार्य होगी, जिससे छात्र सीधे जॉब-रेडी बन सकें।
सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय स्तर पर भी रोजगार बढ़ेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।
पूर्वी भारत को मिलेगा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन
वित्त मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा।
इससे इस क्षेत्र के छात्रों को विश्वस्तरीय डिजाइन शिक्षा अपने ही इलाके में मिलेगी।
यहां संभावित कोर्स होंगे:
- प्रोडक्ट डिजाइन
- फैशन डिजाइन
- ग्राफिक डिजाइन
- इंडस्ट्रियल डिजाइन
- डिजिटल डिजाइन
यह संस्थान मेक इन इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को मजबूती देगा।
रोजगार, इनोवेशन और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि ये यूनिवर्सिटी टाउनशिप और नया एनआईडी:
- युवाओं को नए अवसर देंगे
- स्थानीय उद्योगों को डिजाइन सपोर्ट मिलेगा
- क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा
- क्रिएटिव और टेक्निकल सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा
कुल मिलाकर, बजट 2026 में शिक्षा से जुड़ा यह ऐलान विकसित भारत के सपने को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।


