पटना। (बीएसआरटीसी) की बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्यभर के विभिन्न रूटों पर बसों की कमी और अनियमित समय-सारणी की लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए निगम ने अब नए सिरे से रूटों के मंथन का फैसला लिया है।
निगम मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय और डिपो प्रबंधकों से बसों के फेरे बढ़ाने या घटाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट और मंतव्य तलब किया है। विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में यह बात आई है कि कई महत्वपूर्ण रूटों पर पर्याप्त समय उपलब्ध होने के बावजूद बसें दिनभर में केवल एक या दो ही फेरे लगा रही हैं। इसका सीधा नुकसान यात्रियों को उठाना पड़ रहा है और उन्हें मजबूरी में निजी बसों पर निर्भर होना पड़ता है।
खाली समय का होगा बेहतर उपयोग
बीएसआरटीसी ने तय किया है कि जिन रूटों पर बसों के पास खाली समय अधिक रहता है, वहां अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बेहतर सेवा मिल सके। वहीं, जिन मार्गों पर बसें लगातार खाली चल रही हैं, वहां फेरों की संख्या घटाई जाएगी। ऐसी बसों को उन रूटों पर शिफ्ट किया जाएगा, जहां यात्रियों की मांग अधिक है।
रिपोर्ट के बाद बदलेगी समय-सारणी
सभी डिपो से रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय स्तर पर समीक्षा बैठक की जाएगी। इसके आधार पर कई रूटों पर नई समय-सारणी लागू की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कवायद यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर की जा रही है।
आधे से एक घंटे में बस सेवा का लक्ष्य
निगम का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रमुख और व्यस्त रूटों पर सरकारी बस सेवा हर आधे से एक घंटे के अंतराल पर उपलब्ध कराई जाए। इससे न सिर्फ यात्रियों को समय पर बस मिलेगी, बल्कि सरकारी बसों की विश्वसनीयता और उपयोगिता भी बढ़ेगी।
बीएसआरटीसी के इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होगी और यात्रियों को निजी बसों पर निर्भरता से राहत मिलेगी।


