बिहार में ‘Bed Performance’ से लोचा हो गया भाई साहब, 16 शिक्षा सेवकों की कट गई सैलरी

बिहार के जमुई जिले में शिक्षा विभाग का बड़ा कारनामा उजागर हुआ है, जिसे लेकर बवाल मचा है। दरअसल, विभाग की तरफ जारी किए गए लेटर में बैड परफॉर्मेंस की जगह बेड परफॉर्मेंस पर 16 शिक्षा सेवकों की सैलेरी कट गई है।

जमुई जिले में शिक्षा विभाग का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिला शिक्षा कार्यालय से जारी आदेश पत्र में एक अंग्रेजी शब्द में स्पेलिंग मिस्टेक ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, शिक्षा विभाग ने 22 मई को स्कूलों का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण उपरांत जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 16 शिक्षा सेवक पर एक दिन की वेतन कटौती की कार्रवाई की है। इस पत्र में निरीक्षण के क्रम  अनियमितता कॉलम में अंग्रेजी में कार्रवाई का कारण लिखा गया है।

बेड परफॉर्मेंस भी होता है क्या…

जिस शब्द को लेकर बवाल मचा है वो है अंग्रेजी का एक शब्द जिसमें बैड की जगह बेड लिखा गया है। अंग्रेजी शब्द में स्पेलिंग मिस्टेक की वजह से बवाल मच गया है। यहां अंग्रेजी में बीएडी यानि बैड (खराब) की जगह बीईडी यानि बेड (बिस्तर) परफोरमेंस लिखा गया है। अब यह वायरल पत्र मजाक का जरिया बन गया है। हालांकि शिक्षा विभाग ने इसे टंकण दोष करार देते हुए शुद्धि पत्र जारी कर इसे बैड परफोरमेंस (खराब प्रदर्शन) पढ़ने की बात कही है। किंतु कमान से निकले तीर की तरह यह पत्र वायरल हो गया और चर्चा का विषय भी बन गया है।

एक दिन में कैसे तय किया परफॉर्मेंस

जो भी इस लेटर को पढ़ रहा है जानकार आश्चर्य व्यक्त कर रहा है कि सिर्फ एक दिन के निरीक्षण में निरीक्षणकर्ताओं ने शिक्षा सेवकाें के खराब प्रदर्शन का आकलन कैसे कर लिया। अब तक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मियों पर कार्रवाई की जा रही थी। लेकिन इस बार कार्रवाई का कारण खराब प्रदर्शन बताया गया है। इस खराब प्रदर्शन का आकलन किस पारामीटर या आधार पर किया गया। एक दिन में किसी के परफॉर्मेंस का आकलन कैसे कर लिया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने दी सफाई

बहरहाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने खराब प्रदर्शन के आधार पर 13 शिक्षा सेवकों तथा निरीक्षण में अनुपस्थित पाए गए तीन शिक्षा सेवकों पर निरीक्षण तिथि के वेतन कटौती की कार्रवाई की है। इसमें चकाई प्रखंड के छह, बरहट के तीन, सोनो के तीन, झाझा-गिद्धौर के एक-एक और जमुई के दो शिक्षा सेवक शामिल हैं। इस बारे में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि टंकण भूलवश अंग्रेजी शब्द की स्पेलिंग में मिस्टेक हुई है। इसे लेकर शुद्धि पत्र जारी किया गया है।

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