गया, 15 जुलाई 2025:बिहार के गया जिले में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के दौरान एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) द्वारा मतदाताओं से अवैध रूप से रुपये वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह पूरा मामला मध्य विद्यालय नौरंगा स्थित उर्दू बूथ संख्या 119 से जुड़ा है, जहां बीएलओ गौरी शंकर मतदाताओं से 40-40 रुपये की वसूली कर रहे थे।
वीडियो आया सामने, मामला पहुंचा थाने
इस अवैध वसूली की पुष्टि एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें बीएलओ मतदाताओं से ऑनलाइन फॉर्म भरने और वोटर लिस्ट अपडेट करने के नाम पर रुपये लेते हुए साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो में बीएलओ मतदाताओं से यह कहते सुने जा रहे हैं –
“चाय-पानी का तो पैसा दीजिए… जाइए, आप अपना पैसा ले लीजिए।”
यह वीडियो मानपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी वेद प्रकाश तक पहुंचा, जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने दिए प्राथमिकी के आदेश
वेद प्रकाश ने स्पष्ट कहा:
“चुनाव आयोग के नियम स्पष्ट हैं कि वोटर सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। कोई भी कर्मचारी इसके लिए शुल्क नहीं मांग सकता।“
उनके निर्देश पर मुफस्सिल थाना में बीएलओ गौरी शंकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
राशि वसूलने की पुष्टि, आगे की कार्रवाई जारी
जानकारी के अनुसार, बीएलओ द्वारा प्रत्येक मतदाता से 40 रुपये वसूले जा रहे थे – चाहे वह फॉर्म भरने के नाम पर हो या सूची अपडेट के बहाने। यह वसूली नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से की जा रही थी।
चुनाव आयोग की गाइडलाइन की अवहेलना
भारत निर्वाचन आयोग की स्पष्ट गाइडलाइन है कि मतदाता सूची से संबंधित कोई भी सेवा निःशुल्क होती है। ऐसे में बीएलओ द्वारा अवैध वसूली न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय भी है।
यह मामला न केवल चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।


