
हाजीपुर। वैशाली जिले की एक BPSC शिक्षिका और उनके पति के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हाल के दिनों में शिक्षिका द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद अब उनके पति ने भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है और दावा किया है कि उन्होंने पत्नी की पढ़ाई, करियर और नौकरी तक के सफर में हर संभव सहयोग किया, लेकिन नौकरी मिलने के बाद उनके रिश्तों में दरार आ गई।
मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और साक्ष्य प्रस्तुत कर रहे हैं। इस बीच पति की ओर से लगाए गए नए आरोपों ने इस विवाद को और अधिक चर्चित बना दिया है।
शादी के बाद शुरू हुई उच्च शिक्षा की यात्रा
पति अमन कुमार का कहना है कि उनकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। उस समय उनकी पत्नी इंटरमीडिएट तक पढ़ी हुई थीं। शादी के बाद उन्होंने पत्नी को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया और हर स्तर पर उनका सहयोग किया।
अमन के अनुसार, उन्होंने पत्नी को स्नातक की पढ़ाई पूरी करने में मदद की। इसके बाद बीएड और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आर्थिक और मानसिक रूप से पूरा समर्थन दिया। उनका दावा है कि पत्नी के करियर को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और पारिवारिक सुविधाओं तक को पीछे छोड़ दिया।
उनका कहना है कि उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन फिर भी उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दी और संसाधनों की व्यवस्था करने की कोशिश जारी रखी।
पढ़ाई और कोचिंग के लिए किए आर्थिक त्याग
अमन कुमार ने दावा किया कि पत्नी की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लाखों रुपये खर्च हुए। उन्होंने बताया कि पटना में कोचिंग, रहने की व्यवस्था, पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार आर्थिक निवेश किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार आर्थिक दबाव इतना बढ़ गया कि परिवार की पैतृक संपत्ति का हिस्सा बेचने की नौबत आ गई। उनके अनुसार, शिक्षा और करियर निर्माण के लिए जमीन का एक हिस्सा बेचकर धन जुटाया गया ताकि पढ़ाई बाधित न हो।
पति का कहना है कि पत्नी की सुविधा के लिए उन्हें स्कूटी भी उपलब्ध कराई गई ताकि कोचिंग और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
अधूरा घर और पूरे हुए सपने
अमन ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए अपने घर और व्यक्तिगत जरूरतों को नजरअंदाज किया। उनका दावा है कि यदि वह अपनी आय का उपयोग निजी सुविधाओं पर करते तो आज उनका घर पूरी तरह तैयार होता।
उन्होंने कहा कि परिवार के घर में आज भी कई निर्माण कार्य अधूरे हैं क्योंकि उपलब्ध संसाधनों का बड़ा हिस्सा पत्नी की शिक्षा और करियर पर खर्च किया गया। उनके अनुसार, यह सब उन्होंने इस उम्मीद में किया था कि परिवार का भविष्य बेहतर होगा और दोनों मिलकर जीवन को आगे बढ़ाएंगे।
BPSC चयन के बाद बदले हालात?
पति के अनुसार, दिसंबर 2023 में BPSC TRE-2 भर्ती प्रक्रिया के तहत उनकी पत्नी का चयन शिक्षिका के रूप में हुआ। इसके बाद उन्हें सुपौल जिले में पदस्थापना मिली।
अमन का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी। उनका कहना है कि पहले जो संवाद और पारिवारिक जुड़ाव था, उसमें कमी आने लगी और वैवाहिक संबंध प्रभावित होने लगे।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
पुराने परिचित से बढ़ी नजदीकियों का आरोप
पति ने अपनी पत्नी पर यह आरोप भी लगाया है कि नौकरी के दौरान उनकी मुलाकात एक पुराने परिचित व्यक्ति से हुई, जिसके बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ने लगा।
अमन का दावा है कि इसी वजह से वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार और बेटे के प्रति ध्यान कम होने लगा तथा पति-पत्नी के रिश्ते में लगातार खटास आती गई।
उन्होंने यह भी कहा कि इन आरोपों से जुड़े कई तथ्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं और अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनकी जांच होगी।
दार्जिलिंग यात्रा को लेकर भी उठे सवाल
इस विवाद में एक और दावा सामने आया है, जिसमें पति ने कहा कि उनकी पत्नी और कथित परिचित व्यक्ति एक साथ दार्जिलिंग भी गए थे। इस संबंध में उन्होंने कुछ दस्तावेज और अन्य जानकारी अदालत में प्रस्तुत किए जाने की बात कही है।
हालांकि इस दावे पर अभी तक संबंधित पक्ष की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही संभव होगा।
बैंक स्टेटमेंट और कॉल रिकॉर्ड पेश करने का दावा
पति का कहना है कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में बैंक खातों के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत को उपलब्ध कराए हैं।
उनका दावा है कि कुछ वित्तीय लेनदेन और संपर्क विवरण ऐसे हैं, जिनसे उनके आरोपों को बल मिलता है। हालांकि इन दस्तावेजों की प्रमाणिकता और कानूनी महत्व का आकलन न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को अदालत में स्वीकार किए जाने के लिए निर्धारित कानूनी मानकों और प्रक्रिया का पालन आवश्यक होता है।
वायरल वीडियो को लेकर दी सफाई
सोशल मीडिया पर इस विवाद के बीच पति-पत्नी का एक डांस वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ। वीडियो को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अमन कुमार ने कहा कि वीडियो किसी विवाद या हालिया घटना से जुड़ा नहीं है। उनके अनुसार यह एक पारिवारिक समारोह के दौरान रिकॉर्ड किया गया था, जिसमें परिवार के कई सदस्य मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि पुराने वीडियो को वर्तमान विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, जबकि इसका मामले से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
बेटे का बयान भी चर्चा में
विवाद के बीच दंपति के बेटे को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पति का कहना है कि बेटे ने कुछ ऐसी बातें बताई हैं जिन्हें उन्होंने अदालत और संबंधित पक्षों के समक्ष रखा है।
अमन के अनुसार, बच्चा फिलहाल उनके साथ रहना चाहता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि बेटा अपनी मां के साथ रहने की इच्छा व्यक्त करता है तो वह उसके निर्णय का सम्मान करेंगे।
बाल मनोविज्ञान के विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक विवादों का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ता है, इसलिए ऐसे मामलों में उनकी भावनात्मक सुरक्षा और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अदालत में होगी आरोपों की जांच
यह पूरा मामला अब न्यायालय के समक्ष है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। पति द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
दूसरी ओर, शिक्षिका की ओर से इन नए आरोपों पर फिलहाल कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले से जुड़े सभी दावों और प्रतिदावों की सच्चाई अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला केवल एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया और जनचर्चा का भी विषय बन चुका है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, इसलिए सभी आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


