शेखपुरा में बीटेक छात्र का शव 400 फीट गहरे खनन गड्ढे से बरामद, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका, पुलिस वाहनों पर पथराव

शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। टाउन थाना क्षेत्र के जमुआरा के समीप पत्थर खनन से बने करीब 400 फीट गहरे जलभराव वाले गड्ढे से दो दिनों से लापता बीटेक छात्र का शव एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया। शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित लोगों ने पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया, जिसमें चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

शनिवार से लापता था छात्र

मृतक की पहचान शेखपुरा नगर के मेहुस मोड़ निवासी मोटर पार्ट्स व्यवसायी संतोष यादव के पुत्र हेमराज उर्फ राजा कुमार के रूप में हुई है। राजा जयपुर के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक का छात्र था।

परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर वह बाइक लेकर पेट्रोल भरवाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी।

कचरा डंपिंग यार्ड के पास मिली थी बाइक

रविवार को महादेव नगर स्थित कचरा डंपिंग यार्ड के पास उसकी बाइक लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने बाइक जब्त कर ली, जबकि छात्र का मोबाइल लगातार स्विच ऑफ मिला।

पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करती रही, लेकिन दो दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।

एसडीआरएफ ने चलाया सर्च ऑपरेशन

सोमवार को एसडीआरएफ की टीम ने जमुआरा के पास खनन से बने गहरे जलभराव वाले गड्ढे में तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान छात्र का शव बरामद कर बाहर निकाला गया।

शव मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र में शोक व आक्रोश का माहौल बन गया।

एएसपी ने क्या कहा?

एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने बताया,

“छात्र के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस लगातार जांच कर रही थी। एसडीआरएफ की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें शव बरामद हुआ। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। एफएसएल टीम को भी लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।”

शव मिलने के बाद भड़का गुस्सा

शव बरामद होने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव कर दिया, जिससे चार पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

मृतक के भाई नौलखा कुमार ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि खनन से बने इस खतरनाक गड्ढे की समय पर घेराबंदी की गई होती तो यह हादसा नहीं होता।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि राजा की हत्या कर उसका शव गड्ढे में फेंका गया है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग की है।

पहले भी जा चुकी है जान

स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्थर खनन के बाद बने ऐसे गहरे जलभराव वाले गड्ढे पहले भी कई लोगों की जान ले चुके हैं।

करीब डेढ़ वर्ष पहले भी एक छात्र की इसी तरह के गड्ढे में डूबने से मौत हुई थी। उस समय प्रशासन ने सभी खतरनाक गड्ढों के चारों ओर घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और कंटीले तार लगाने का निर्णय लिया था, लेकिन अधिकांश स्थानों पर आज तक सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण ये खनन स्थल अब “मौत की खाई” बन चुके हैं और लगातार लोगों की जान ले रहे हैं।

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